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भ्रूण लिंग जांच के नाम पर दलाल ने लिए 40 हजार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो को दबोचा

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स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ दोनों आरोपी अंकित और जितेंद्र। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। नारनौल और चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच करवाने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक दलाल और उसके साथी को दबोचा है। इन्हें काबू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डिकोय की मदद ली। हालांकि टीम की कार्रवाई के दौरान अस्पताल का रिकॉर्ड तो दुरुस्त मिला, लेकिन उक्त अस्पताल के पीआरओ की इसमें संलिप्ता सामने आई है। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने दलाल और निजी अस्पताल के पीआरओ के खिलाफ पीसी पीएनडीटी एक्ट की शिकायत दादरी सिटी थाना पुलिस को दी है।
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जानकारी के अनुसार नारनौल स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि भ्रूण लिंग जांच करवाने वाला एक गिरोह सक्रिय है और उक्त गिरोह सदस्य महेंद्रगढ़, झज्जर और दादरी में गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए जाते हैं। इस आधार पर नारनौल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक डिकोय तैयार की और उसका झज्जर जिले के गौरिया निवासी दलाल अंकित से संपर्क करवाया। इस दौरान 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ और सोमवार को भ्रूण लिंग जांच करवाने की बात दलाल अंकित ने कही।
नारनौल पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉक्टर हर्ष चौहान ने बताया कि डिकोय ने सोमवार सुबह दलाल से संपर्क किया तो उसने पहले महेंद्रगढ़ और फिर झज्जर में भ्रूण लिंग जांच करवाने की बात कही। इसके बाद दलाल ने झज्जर की बजाय दादरी के एक निजी अस्पताल में उन्हें आने के लिए। यहां आने से पहले समसपुर के समीप दलाल ने डिकोय से 40 हजार रुपये लिए और उन्हें दादरी के सिविल अस्पताल के समीप स्थित एक निजी अस्पताल ले गया। वहां पहुंचने के बाद डिकोय का अल्ट्रासाउंड करवाया गया और इसके तुरंत बाद दादरी व नारनौल स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंच गई। टीम ने वहां से दलाल अंकित को काबू कर उसके पास से रुपये भी बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान अंकित ने बताया कि उक्त निजी अस्पताल के पीआरओ मोरवाला निवासी जितेंद्र के साथ उसकी पहचान है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अंकित और जितेंद्र दोनों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत सौंप दी। इस कार्रवाई में दादरी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉ. नरेंद्र और डॉ. नरेश कुमार शामिल रहे।
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अल्ट्रासाउंड करवाकर गर्भ में बता दी बेटी, सफाई के लिए मांगे दस हजार और
डॉक्टर हर्ष चौहान ने बताया कि दादरी के निजी अस्पताल का रिकॉर्ड टीम को दुरुस्त मिला और उक्त अस्पताल के पीआरओ की इसमें संलिप्ता सामने आई। उन्होंने बताया कि दलाल ने डिकोय को गर्भ में बेटी बता दी, जबकि डिकोय की भ्रूण लिंग जांच की बजाय केवल अल्ट्रासाउंड करवाया गया था। इतना ही नहीं दलाल अंकित ने डिकोय को कहा कि गर्भ में पल रही बेटी की सफाई के लिए उन्हें दस हजार रुपये और देने पड़ेंगे।
पांच घंटे तक चली कार्रवाई
कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम दोपहर करीब ढाई बजे लोहारू रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंची थी। शाम करीब पौने छह बजे कार्रवाई करने के बाद नारनौल स्वास्थ्य विभाग की टीम रवाना हो गई, जबकि दादरी स्वास्थ्य विभाग की टीम देर शाम करीब साढ़े सात बजे तक वहीं डेरा डाले रही। इसके बाद पुलिस को दोनों आरोपी सुपुर्द किए गए।
पिता को देखकर फफक कर रो पड़ा एक आरोपी
निजी अस्पताल के पीआरओ एवं मामले का दूसरा आरोपी जितेंद्र के पिता भी देर शाम अस्पताल पहुंचा और उससे मामले की जानकारी ली। उस दौरान आरोपी रो पड़ा और उसने अपने पिता को दलाल अंकित द्वारा उसका झूठा नाम लेने की बात कही।
वर्जन
पिछले कुछ दिनों से हमें इस संबंध में गुप्त सूचना मिल रही थी और सोमवार को दलाल ने 40 हजार रुपये भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लिए। दलाल अंकित के अलावा इस मामले में एक निजी अस्पताल के पीआरओ की संलिप्ता सामने आई है।
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डॉ. हर्ष चौहान, नोडल अधिकारी पीएनडीटी, नारनौल
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