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लॉकडाउन में किसी ने बैंडबाजा छोड़ चलाया रिक्शा, किसी ने घोड़ियां बेच उठाया था परिवार का खर्चा, अब शादियों में बल्ले-बल्ले

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शादी समारोह के दौरान सजी हुई घोड़ी-बग्गी। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। लॉकडाउन में हर कोई आर्थिक तंगी से गुजरा। शादियां कम होने से कामधंधा छूट गया। इस दौरान किसी ने बैंडबाजा छोड़ रिक्शा चलाकर तो किसी ने अपनी घोड़ियां बेचकर परिवार का खर्च चलाया। महाबीर कॉलोनी के रहने वाले रमेश ने तो अपने घर का खर्चा चलाने के लिए आधे रेट में आठ घोड़ियां तक बेचने को मजबूर होना पड़ा था, इससे उन्हें करीब सात लाख का नुकसान हुआ, लेकिन अब शादियां शुरू होने के साथ ही बैंडबाजों वालों की बल्ले-बल्ले हो गई। अप्रैल महीने की शादियों के लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी हैं। इस बार 10 जुलाई तक शहनाई बजेंगी। वहीं, चार मार्च को फुलेरा दूज होने के कारण सबसे ज्यादा शादियां हैं, इसके लिए होटल, मैरिज पैलेस व बैंक्वट हॉल बुक हो चुके हैं।
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मेरे पास पहले 12 घोड़ी थी, मगर लॉकडाउन होने के कारण घर का खर्चा नहीं चला तो मजबूरी में आठ घोड़ियां बेचनी पड़ी, मगर अब शादी का सीजन शुरू होने पर पांच लाख रुपये में चार घोड़ियां और खरीदी हैं। जुलाई तक खूब शादियां हैं। शादियों के लिए दिल्ली, लोहारू, रेवाड़ी, रोहतक, राजगढ़, भादरा सहित दूसरे जिलों की बुकिंग आई हुई हैं। - रमेश, मालिक, हरि सिंह घोड़ी-बग्गी वाला, हिसार
लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। घोड़ियों को खिलाने और परिवार का खर्चा चलाने के लिए 1 लाख 90 हजार रुपये उधार लिए। अभी भी थोड़ा कर्जा बाकी हैं, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद अब शादियों से भरपाई हो जाएगी। अब लगातार काफी शादियां हैं। बुकिंग आ रही हैं। मेरे पास पांच घोड़ियां हैं। रोजाना 1500 रुपये तो घोड़ी को खिलाने का खर्चा है। - हीरालाल, मालिक, घोड़ी बग्गी-वाला, हिसार
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लॉकडाउन में मजबूरी में तीन घोड़ियां बेचनी पड़ीं। अब शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। फरवरी से लेकर जुलाई तक शादियां ही शादियां हैं। शादियों का सीजन अच्छा रहेगा। लॉकडाउन खुलने के बाद जैसे ही शादियों का सीजन शुरू हुआ तो आर्थिक स्थिति फिर से पटरी पर लौटना शुरू हो गई है। जून-जुलाई में होने वाली शादियों को लेकर लोग अभी से बुकिंग करवा रहे हैं। - रामू, मालिक, सुरेश बैंड, हिसार
चार मार्च को फुलेरा दूज है। इस दिन अबूझ सावा होने के कारण काफी लोग शादियां करते हैं, लेकिन 23 फरवरी से गुरु अस्त हो जाएगा, जोकि 26 मार्च को उदय होगा। इस दौरान शादियां नहीं करनी चाहिए, मगर लोग इस बीच में भी काफी शादियां कर लेते हैं। - आचार्य राममेहर शास्त्री, पुजारी, विश्वकर्मा मंदिर, ऋषि नगर
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विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
अप्रैल: 15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 27
मई: 2, 3, 4, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 20, 21, 26, 27 और 31
जून: 1, 5, 6, 8, 10, 11, 13, 20, 21, 23, 24
जुलाई: 3, 4, 6, 7, 8, 9 और 10
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