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Hisar News: एचएयू मामले में चेयरमैन अशोक गर्ग ने बंद कमरे में की सुनीं छात्रों की आपबीती, छात्र बोले- कैंपस से बाहर करो सुनवाई

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एचएयू में जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने पहुंचे विद्यार्थी। 
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों पर लाठीचार्ज और धरने के मामले की जांच के लिए मंगलवार को जांच कमेटी चेयरमैन मंडल आयुक्त अशोक गर्ग ने एचएयू फैकल्टी हाउस में विद्यार्थियों का पक्ष सुना। करीब 40 विद्यार्थी अपना पक्ष रखने पहुंचे। 20 विद्यार्थियों ने बंद कमरे में मंडल आयुक्त को आपबीती बताई। दो शिक्षकों ने भी अपना पक्ष रखा।
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विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी सुनवाई कैंपस से बाहर किसी अन्य स्थान पर की जाए। इस पर चेयरमैन ने सहमति देते हुए कहा कि अगली बैठक के लिए जल्द ही स्थान तय कर अवगत करा दिया जाएगा।
एचएयू प्रकरण की जांच के लिए बनी जांच कमेटी के चेयरमैन मंडल आयुक्त अशोक गर्ग ने पहली सुनवाई की। चेयरमैन अशोक गर्ग ने छात्रों से कहा कि आप अपना बयान लिखित में भी दें। आपके पास जो भी साक्ष्य हों वह जांच कमेटी को उपलब्ध कराएं।
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छात्रों ने कहा कि इस जांच कमेटी की सुनवाई कैंपस से बाहर किसी स्थान पर की जाए। यहां पर प्रशासन की ओर से दबाव बनाया जा सकता है। काफी विद्यार्थी यहां आने में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। यहां की फुटेज, रिकॉर्डिंग का उपयोग कर एचएयू प्रशासन उनको प्रताड़ित कर सकता है। इस पर चेयरमैन अशोक गर्ग ने कहा कि आप में से कुछ छात्र अपना मोबाइल नंबर दर्ज करा दें जिनको हम अगली सुनवाई की तारीख व स्थान के बारे में सूचित कर देंगे। अगली सुनवाई के लिए जल्द ही कोई दूसरा स्थान तय कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई की तारीख 11 सितंबर संभावित है। इस बीच कोई छात्र अपनी बात रखना चाहे या कोई साक्ष्य उपलब्ध कराना चाहे तो मंडल आयुक्त कार्यालय में दे सकता है।
दो शिक्षकों ने भी बताई पीड़ा
दो शिक्षक भी जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने पहुंचे। इन शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति के गुट में शामिल न होने वालों को प्रताड़ित किया जाता है। उनके कैंपस से बाहर ट्रांसफर किए जाते हैं। उनके पीएचडी व अन्य शोध कार्याें में बाधा डाली जाती है। ऐसे शिक्षकों की पदोन्नति भी रोकी जा रही है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। काफी शिक्षक इस मामले की जांच चाहते हैं लेकिन सामने आने से डर रहे हैं।
यह था मामला
एचएयू में विद्यार्थी स्कॉलरशिप घटाए जाने का विरोध कर रहे थे। 9 जून की रात कुलपति आवास के बाहर धरना दे रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज कर सिर फोड़ दिए गए। जिसमें दो शिक्षकों पर नामजद एफआईआर दर्ज हुई। दोनों को गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी छात्रों पर केस दर्ज कराए। विद्यार्थियों ने इस मामले में 23 दिन तक एचएयू गेट नंबर चार पर धरना दिया। धरना समाप्त करते समय जांच कमेटी बनाने पर सहमति बनी थी।
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