हिसार। मिर्जापुर रोड पर 11केवी की बिजली तार की चपेट में तीन लोगों की मौत मामले में दो निदेशकों की समिति ने जांच पूरी कर निगम के प्रबंधक निदेशक अशोक गर्ग को सौंपी है। इसमें फील्ड के अलावा स्टेशन स्टाफ को भी दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। शिफ्ट अटैंडेंट अक्षय राजपाल को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में जूनियर इंजीनियर, फोरमैन और दो लाइनमैन पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।
2 सितंबर को मिर्जापुर रोड पर दर्शन अकादमी स्कूल के पास बिजली की 11केवी की लाइन की तार टूट कर सड़क पर गिर गया था। इसमें करंट होने से सड़क से गुजर रहे बाइक सवार बंटी, अमित, शमशेर की मौत हो गई थी।
इस मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी अशोक गर्ग ने दो निदेशकों आपरेशन सर्कल के निदेशक विपिन गुप्ता, आपरेशन प्रोजेक्ट विनिता सिंह की जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में फील्ड के चार कर्मियों के अलावा एसए अक्षय राजपाल को भी दोषी पाया गया। फाॅल्ट के बाद बिना लाइन की पेट्रोलिंग किए ट्राई लिए ही चालू कर दिया। इस कारण यह बड़ा हादसा हुआ। कमेटी ने अपनी जांच में मेंटेनेंस कंपनी को भी दोषी पाया गया है। समिति की ओर से दी गई सिफारिश पर अभी मेंटेनेंस कंपनी पर फैसला नहीं लिया गया है।