जींद के लोगों ने बताया कि पिछले 50 साल में उन्होंने इतना भयंकर तूफान नहीं देखा। सैकड़ों घरों की छतों से पानी की टंकियां कागज की तरह उड़कर दूर जा गिरीं। हजारों पेड़ों के गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई।
कहां कितने पेड़ और खंभे गिरे
- शहर पेड़ खंभे
- जींद 20000 2000
- सोनीपत 1000 200
- सिरसा - 260
- फतेहाबाद 27 70
- झज्जर 50 65
पानीपत: 190 गांव, 300 कॉलोनियों में 15 घंटे ब्लैकआउट
जिले में बिजली के 650 खंभे क्षतिग्रस्त होने से 190 गांव और 300 कॉलोनियों में 15 घंटे ब्लैकआउट रहा। वहीं करनाल में भी शहर के अधिकांश हिस्सों में रातभर लाइट गुल रही।
कहां कितनी बारिश (एमएम)
- शहर बारिश
- करनाल 121
- बहादुरगढ़ 57.0
- रोहतक 47.8
- यमुनानगर 42.8
- कैथल 42.0
- सोनीपत 40.0
- कुरुक्षेत्र 40.0
- गुरुग्राम 36.0
- झज्जर 32.0
- अंबाला 40.2
- फरीदाबाद 29.7
- पानीपत 30.0
- जींद 25.0
- सिरसा 25.0
- फतेहाबाद 22.7
- मेवात 20.0
- पंचकूला 10.4
- रेवाड़ी 8.0
- हिसार 7.4
- पलवल 7.0
- महेंद्रगढ़ 5.7
- भिवानी 4.0
इसलिए मानसूनी हवाएं तूफान में बदलीं
हरियाणा में तूफान भरी बारिश होने के तीन कारण रहे। पहला पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ से चक्रवाती परिसंचरण बना। दूसरा अरब सागर से नमी वाली हवाएं चक्रवाती परिसंचरण ने अपनी ओर खींची। तीसरा कारण उत्तरी मैदान में मानसून की अतिरिक्त सक्रियता के कारण पूर्वी हवाएं चक्रवाती परिसंचरण से मिलकर और अधिक मजबूत हो गईं। इससे हरियाणा में शनिवार रात को तीव्र तूफान बन गया। मौसम एक्सपर्ट नवदीप दहिया ने बताया कि हरियाणा के पास आते-आते नमी भरी पूर्वी और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं में टकराव होने से अधिक मजबूत हो गईं। बाद में तूफान का रूप धारण कर लिया।