फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: तूफान-बारिश से भारी नुकसान, अकेले जींद में 20 हजार पेड़ और 2 हजार पोल गिरे

Mon, 06 Jul 2020 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार/करनाल (हरियाणा)

सार

  • करनाल में सर्वाधिक 121 एमएम बारिश, गर्मी से मिली राहत, जींद भीषण तूफान  
  • प्रदेश में पहली बार मानसून की अच्छी बारिश, 9 तक अंधड़, बारिश का येलो अलर्ट  
विज्ञापन
जींद में हजारों पेड़ गिरे।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में समय में पहले दस्तक देने के दस दिन बाद शनिवार देर रात सक्रिय हुईं मानसूनी हवाओं ने राहत देने के साथ जमकर तबाही मचाई। कई जिलों में बारिश के साथ तूफान से भारी नुकसान हुआ है। 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आए तूफान से अकेले जींद में ही 20 हजार से अधिक पेड़ गिर गए और दो हजार के करीब बिजली के पोल उखड़ गए।

विज्ञापन


50 ट्रांसफार्मर जमींदोज हो गए। जींद के उचाना के हाईवे पर खटकड़ गांव के पास बना टोल प्लाजा का शेड उड़ गया। केबिन में मौजूद कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। रविवार दोपहर दो बजे तक टोल नहीं लिया जा सका। पानीपत में तूफान से तीन मंजिला फैक्टरी का हिस्सा पड़ोस के चार घरों में गिर गया। इससे घरों की छत, बालकनी में नुकसान हुआ है। जींद में मकान गिरने से दो लोग घायल हो गए। रोहतक के महम में बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रदेश में नुकसान का आकलन एक-दो दिन में पता चलेगा। राहत की बात तूफान में किसी की मौत नहीं हुई। 


यह भी पढ़ें- खुलासा: घरवालों को नींद की गोली देकर युवकों से मिलने आई थीं युवतियां, फिर हुई दो पुलिसवालों की हत्या
विज्ञापन


इधर, करनाल में सर्वाधिक 121 एमएम बारिश दर्ज की गई। हालांकि मानसून सीजन में पहली बार सभी जिलों में बारिश होने से किसानों में उत्साह है। वहीं आम लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 9 जुलाई तक अंधड़, बारिश के आसार हैं। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

विज्ञापन

पिछले 50 साल में नहीं देखा इतना भयंकर तूफान

जींद के लोगों ने बताया कि पिछले 50 साल में उन्होंने इतना भयंकर तूफान नहीं देखा। सैकड़ों घरों की छतों से पानी की टंकियां कागज की तरह उड़कर दूर जा गिरीं। हजारों पेड़ों के गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई।  

कहां कितने पेड़ और खंभे गिरे 
  • शहर             पेड़              खंभे              
  • जींद             20000        2000        
  • सोनीपत        1000          200         
  • सिरसा           -                 260        
  • फतेहाबाद      27               70          
  • झज्जर             50            65    

पानीपत: 190 गांव, 300 कॉलोनियों में 15 घंटे ब्लैकआउट
जिले में बिजली के 650 खंभे क्षतिग्रस्त होने से 190 गांव और 300 कॉलोनियों में 15 घंटे ब्लैकआउट रहा। वहीं करनाल में भी शहर के अधिकांश हिस्सों में रातभर लाइट गुल रही।
    
कहां कितनी बारिश (एमएम)
  • शहर          बारिश 
  • करनाल      121
  • बहादुरगढ़   57.0
  • रोहतक       47.8
  • यमुनानगर  42.8
  • कैथल         42.0
  • सोनीपत     40.0
  • कुरुक्षेत्र       40.0
  • गुरुग्राम      36.0
  • झज्जर       32.0
  • अंबाला        40.2
  • फरीदाबाद    29.7
  • पानीपत      30.0
  • जींद           25.0
  • सिरसा        25.0
  • फतेहाबाद   22.7
  • मेवात         20.0
  • पंचकूला      10.4
  • रेवाड़ी          8.0
  • हिसार         7.4
  • पलवल         7.0
  • महेंद्रगढ़      5.7
  • भिवानी       4.0

इसलिए मानसूनी हवाएं तूफान में बदलीं
हरियाणा में तूफान भरी बारिश होने के तीन कारण रहे। पहला पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ से चक्रवाती परिसंचरण बना। दूसरा अरब सागर से नमी वाली हवाएं चक्रवाती परिसंचरण ने अपनी ओर खींची। तीसरा कारण उत्तरी मैदान में मानसून की अतिरिक्त सक्रियता के कारण पूर्वी हवाएं चक्रवाती परिसंचरण से मिलकर और अधिक मजबूत हो गईं। इससे हरियाणा में शनिवार रात को तीव्र तूफान बन गया। मौसम एक्सपर्ट नवदीप दहिया ने बताया कि हरियाणा के पास आते-आते नमी भरी पूर्वी और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं में टकराव होने से अधिक मजबूत हो गईं। बाद में तूफान का रूप धारण कर लिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें