निजी अस्पताल में ओपीडी के लिए आए मरीज इंतजार करते हुए।
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हिसार। चिकित्सकों पर होने वाली हिंसा को रोकने व कानून बनाने की मांग को लेकर आईएमए के आह्वान पर जिले के सभी निजी अस्पतालों ने शुक्रवार सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक सामान्य ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। इसका असर यह हुुआ कि नागरिक अस्पताल में ओपीडी एक हजार का आंकड़ा पार कर गई, जो आम दिनों की अपेक्षा करीब 25 फीसदी अधिक रहा। फिजिशियन एवं हड्डियों की ओपीडी आम दिनों के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक रही। दोपहर दो बजे के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी, लेकिन इस दौरान काले बिल्ले लगाकर रोष जताया।
शुक्रवार को आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रही। हालांकि कई मरीज 2 बजे के बाद चिकित्सक से जांच कराने के लिए इंतजार करते नजर आए। 2 बजे जब निजी चिकित्सकों की हड़ताल खत्म हुई तो इन मरीजों ने चिकित्सकों से जांच करवाई। इस कारण सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में बढ़ोतरी हुई। जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक हजार से अधिक ओपीडी रही, वहीं वीरवार को अस्पताल में 750 के आसपास ओपीडी थी।
सरकारी चिकित्सकों ने भी किया सर्मथन
चिकित्सकों पर होने वाली हिंसा को रोकने एवं कानून बनाने के मामले में हरियाणा मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि वह भी आईएमए के सर्मथन में है और ऐसा होना भी चाहिए। मगर सरकारी अस्पताल में ज्यादातर जरूरतमंद लोग ही आते हैं। इसलिए ओपीडी सेवाएं जारी रखी, क्योंकि उन्हें इलाज की बेहद आवश्यकता है।
चिकित्सकों को हिंसा से बचाने के लिए बने कानून : डॉ. नलवा
आईएमए हिसार के जिला प्रधान डॉ. जेपीएस नलवा ने बताया कि हमारी मांग है कि चिकित्सकों को हिंसा से बचाव के लिए अलग से कानून बनाए जाए। इसके बारे में पुलिस व प्रशासन को भी अवगत करवाया जाए। एसोसिएशन के सभी सदस्यों का आभार जताता हूं, जिन्होंने सहजता के साथ सर्मथन किया।