प्रॉपर्टी में आई मंदी की मार हुडा पर भारी पड़ रही है। महंगे प्लॉट लेकर घर बनाने का सपना रखने वालों का अब हुडा से मोह भंग हो रहा है। लाखों रुपये कीमत के प्लॉट लेकर न खरीद बेच का धंधा चल रहा है तो न ही इतने महंगे प्लॉट पर लाखों रुपये लगाकर बिल्डिंग खड़ी करने का मन बन रहा है। हर रोज हुडा कार्यालय में आ रहे प्लॉट अलॉटी अपना प्लॉट वापस हुडा को ही सरेंडर कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं जुलाई 20115 में फतेहाबाद के सेक्टर 11 के निकाले गए ड्रॉ हुडा को वापस हो गए हैं। इनमें से 65 प्रतिशत अलॉटी अब तक प्लॉट सरेंडर कर चुके हैं। इसी तरह का मामला हांसी के सेक्टर में भी देखने को मिल रहा है। वहां भी लोग अपने प्लॉट वापस कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार फतेहाबाद में 894 प्लॉट आवंटित किये गए थे, जिनमें से अभी तक 581 प्लाट सरेंडर किये जा चुके हैं।
ईओ से मिलने पहुंची दिल्ली की महिला
हुडा ईओ ऑफिस में एक आर्मी पर्सन की पत्नी दिल्ली से हिसार पहुंची। वह सुबह से ऑफिस टाइम तक कार्यालय में बैठी रही। अधिकारियों से बार बार गुहार लगाई कि उसका प्लॉट किसी तरह सरेंडर कर लो और उसे उसके छह लाख रुपये की भरी इंस्टॉलमेंट वापस कर दो।
नहीं दी एप्लीकेशन एक महीने के अंदर चलीं गई वापस
ईओ कार्यालय में दिल्ली से आई महिला ने खूब गुहार लगाई। उसने कहा जो पेमेंट काटनी है काट लो छह लाख में से 20 प्रतिशत 30 प्रतिशत कुछ भी मगर पेमेंट वापस तो करो। कार्यालय के अधिकरियों ने उसके प्लॉट का स्टेट्स चेक किया। जिसमें उसने निर्धारित समय में कोई एप्लीकेशन या सूचना कार्यालय में सरेंडर के लिए नहीं भेजी थी। जिसके कारण उसका प्लॉट सरेंडर नहीं होने के बारे बताया गया।
अधिकारी बोले 30 दिन के अंदर देनी थी सूचना
महिला ने हुडा के ईओ सुमित कुमार से भी बात की। अधिकारी ने कार्यालय के संबंधित ब्रांच के कर्मचारियों को बुलाया। हुआ ने महिला को कहा कि आपको ड्रॉ निकलने के बाद 30 दिन के अंदर अंदर सरेंडर बारे सूचना देनी थी। उन्होंने साफ कहा कि अब तक 65 प्रतिशत लोग प्लॉट सरेंडर कर चुके हैं वो निर्धारित समय पर सूचना देेकर। बाद में महिला सारे प्रयास के बाद वापस दिल्ली लौट गई।
मंदी के साथ इन्हांसमेंट भी है सरेंडर का कारण
प्रॉपर्टी में आई मंदी के साथ दूसरा कारण इन्हांसमेंट है। इन्हांसमेंट आने के कारण भी लोग प्लॉट छोड़ रहे हैं। इसी तरह फतेहाबाद के सेक्टर 11 में हुआ है। लोगों को प्लॉट मिलने से पहले ही उस पर इन्हांसमेंट आ गई थी। जिसके कारण प्लॉट अलॉटी को ये और अधिक महंगे मिले। लोगों ने 12 हजार प्रति वर्ग गज के हिसाब से प्लाट खरीदे थे, इन्हांसमेंट के कारण यह प्लॉट 18 से 19 हजार रुपये प्रति वर्ग गज महंगे हो गए। जबकि बाजार रेट इनसे काफी कम है। जानकारी के अनुसार बाजार रेट 10 से 12 हजार प्रति वर्ग गज हैं।