हुडा के मुख्य प्रशासक विकास गुप्ता ने कहा है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण दस हजार रिहायशी प्लॉट उपलब्ध कराएगा। प्रमुख शहरों में नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हिसार में अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे हुडा चीफ एडमिस्ट्रेटर विकास गुप्ता ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि हुडा की ओर से कई शहरों में नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। कुछ शहरों में विकसित सेक्टरों के लिए आवेदन भी मांगे हैं। प्रदेश में करीब 10 हजार प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। गुड़गांव, रेवाड़ी में आशियाना स्कीम के तहत आवासीय फ्लैट के आवेदन मांगे हैं। बहादुरगढ़, हथीन, पेहवा में प्लॉटों के लिए आवेदन मांगे हैं। जल्द ही हिसार, डबवाली, सिरसा व रोहतक सहित अन्य शहरों में रिहायशी प्लॉट उपलब्ध कराएंगे। हुडा की ओर से यह प्लॉट नो प्रॉफिट नो लॉस पर उपलब्ध कराए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जरूरत के हर एक सेक्टर में कॉमर्शियल एरिया भी तय होता है। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल, डिस्पेंसरी, पावर हाउस, कम्यूनिटी सेंटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल सेक्टर विकसित करने पर भी काम करेंगे। छोटे शहरों में भी नागरिकों को बेहतर आवासी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हुडा की ओर से सेक्टर बनाए जा रहे हैं।
ई ऑक्शन में धांधली की गुंजाइश नहीं
ई ऑक्शन के सवाल पर चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने कहा कि यह एक नई स्कीम है। इससे नागरिकों व हुडा दोनों को फायदा है। आप कहीं से भी ऑक्शन में हिस्सा ले सकते हैं। विभाग को भी व्यापक संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ती। ऑक्शन में धांधली की गुंजाइश भी नहीं रहती।
जल्द होगा व्यवस्था में सुधार
हुडा सेेक्टरों को निगम के हवाले किए जाने से आ रही दिक्कतों पर हुडा प्रशासक विकास गुप्ता ने कहा कि यह ट्रांजिट फेज है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार हो जाएगा। लंबे समय पहले विकसित हो चुके सेक्टर ही निगम को मेंटेनेंस के लिए दिए गए हैं।
अदालत के फैसले के बाद आती है इन्हांसमेंट
सेक्टरों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने इन्हांसमेंट के सवाल पर हुडा प्रशासक ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद ही इन्हांसमेंट आती है। यह तो अपना अपना व्यक्तिगत विचार है। कुछ शहरों में लोगों ने इन्हांसमेंट के चलते प्लॉट सरेंडर किए हैं। वहीं आर्थिक कारण भी एक वजह है।
अब नहीं आएगी कर्मचारियों को दिक्कतें
हुडा से निगम भेजे गए कर्मचारियों के फुटबाल बनाए जाने पर विकास गुप्ता बोले कुछ कारणों के चलते परेशानी आई थी। समस्या का निदान किया जा चुका है। जो कर्मचारी निगम में रहेंगे उनका वेतन निगम ही जारी करेगा।