हुडा दरबार में शनिवार को हुडा प्रशासक एवं एडीसी विजय कुमार के समक्ष सेक्टर वासियों ने भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगाए। हांसी की आरडब्ल्यूए ने तो सरेआम कहा कि साहब सुनने में आ रहा है कि हुडा गरीब होता जा रहा है, मगर आपके कार्यालय के चपरासी तक को देख तो लें, वे तो अमीर होते जा रहे हैं।
उन्होंने लैंड एक्वीजेशन के पटवारी पर सीधे आरोप लगाए। कहा कि कोर्ट में केस चल रहा है, पटवारी ने सेक्टर 5-6 के एंट्री पर लाखों रुपये के घालमेल कर अपने रिश्तेदारों को लैंड रिलीज कर दी। सेक्टरवासियों ने अधिकारियों को खूब खरी खरी सुनाई।
शिकायत लेकर आने वालों ने यहां तक कहा कि सालों से वे समस्याएं बता रहें हैं आज तक तो कोई सुनवाई नहीं हुई। हमें पता है जनता दरबार में भी कुछ नहीं होना फिर भी हम कम से कम आपको बता तो दें। जनता दरबार में पहुंचे सेक्टरवासियों ने सेम सेम तक के नारे लगाए।
यहां हर काम के बंधे हुए हैं रेट
खुले दरबार में आरडब्ल्यूए प्रधान जगदीप बामल से साफ कहा कि यहां हर काम के रेट बंधे हैं साहब। कोर्ट में केस है नक्शा तक पास नहीं हो रहा। लोग अवैध तरीके से बिल्डिंग बना रहे हैं। उन्हें आज तक कोई नोटिस तक नहीं दिया जा रहा है। भरी सभा में कहा कि अगर किसी अधिकारी ने नोटिस दिया है तो दिखाओ।
सीएम को दिखाएंगे सेक्टरों में पाले जा रहे हैं मुर्गे
सेक्टरवासियों ने हांसी के सेक्टर को लेकर कहा कि सीएम साहब 26 को आ रहे हैं। 80 प्रतिशत फाइनल है। हमारे सेक्टर का दौरा करेंगे। उन्हें हम दिखाएंगे कि हजारों रुपये गज के हिसाब से खरीदी गई जमीनों पर जो पॉश इलाका कहलाता है उन पर मुर्गे पाले जा रहे हैं और बकरियों के बाड़े हैं।
सारे सेक्टर के प्लॉट कर देंगे सरेंडर
सेक्टर के लोगों ने साफ कहा कि वे 25 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से रुपये देकर प्लॉट लेने वालों में से है। ऐसे सेक्टरों के हालात हैं कि वहां कोई रहना नहीं चाहता। पहले ही इन्हांसमेंट का केस चल रहा है। 16 हजार 500 रुपये के हिसाब से फिर इन्हांसमेंट आने वाली है। इन्हांसमेंट के कारण कई प्लॉट धारक प्लॉट सरेंडर कर चुके हैं। हुडा के अधिकारी कोर्ट में अपना जवाब तक दाखिल नहीं कर पा रहे।
इनसे पीछा छुड़वाओ
जनता दरबार में हांसी के सेक्टरवासियों ने बिजली एसडीओ पर सरेआम आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि साहब ये तो अधिकारी नहीं बल्कि हुुडा के मालिक हैं। ये किसी की नहीं सुनते। काम के लिए इनके पास कॉल करो तो ये मोबाइल नंबर ही ब्लैक लिस्ट में डाल देते हैं।
एडीसी एवं हुडा प्रशासक ने मौके पर एसडीओ को बुलाया। एसडीओ ने कहा कि साहब मैंने तो ऐसा नहीं किया। मैं तो सभी को रिस्पांस देता हूं। उन्होंने आवाज लगाकर पूछा कि भाइयों मेरे से और किसी को भी दिक्कत है क्या कि मैं ऐसा करता हूं या प्रधान को ही है। इस पर सभा से कई लोग उठ गए और कहा कि हमें है साहब ये तो मालिक बने हुए हैं इनसे किसी तरह पीछा छुड़वा दो।