आरक्षण आंदोलन के लिए हरियाणा का सबसे मुख्य स्थल मय्यड रविवार को फिर से आंदोलन का गवाह बनेगा। आरक्षण की मांग को लेकर यहां रविवार से धरना शुरू होगा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जिले के मय्यड़ में नेशनल हाइवे के पास आंदोलन होगा।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि शांतिपूर्वक धरना देंगे। प्रशासन ने जोर जबर्दस्ती की तो आंदोलन कोई भी रूप ले सकता है। धरना लगातार 15 दिन तक जारी रहेगा। मांगों पर प्रशासन का रुख सकारात्मक नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
दूसरी ओर एसडीएम अशोक बंसल, तहसीलदार राजेंद्र, तहसीलदार साहबराम, डीआरओ ब्रह्मजीत अहलावत, डीएसपी नरेंद्र सिंह शनिवार को गांव में पहुंचे। अधिकारियों की टीम मौके का मुआयना करने पहुंची। गांव में करीब दो से तीन घंटे तक मुआयना किया।
अधिकारी धरना स्थल की पहचान करने का प्रयास करते रहे। समिति की ओर से स्थान की जानकारी न दिए जाने पर अधिकारियों ने दो से तीन संभावित स्थानों की सूची आला अधिकारियों को दी है। इसमें नेशनल हाइवे के साथ जहां पहले रैली होती रही उस खेत के पीछे वाला खेत चिह्नित किया है। इसके अलावा रामायण गांव के पास भी एक स्थान तय किया है।
फ्लैग मार्च किया
सीआरपीएफ, आईटीबीपी, हरियाणा पुलिस की टुकड़ियों ने शनिवार को गांव भगाना, रामायण, मय्यड़, ढंढेरी, खरड़ अलीपुर, लाडवा सहित आसपास के एरिया में फ्लैग मार्च किया। एनएच 10 पर पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहीं।
रिश्तेदारियों में पहुंचे सीआईडी वाले
सीआईडी की पूरी टीम पिछले चार दिन से गांव में ही तैनात है। गांव से किसी तरह का संबंध रखने वाले सीआईडी व पुलिस कर्मचारियों को भी सूचनाएं एकत्र करने के लिए गांव में लगाया गया है। सीआईडी की यह टीम आंदोलन में आने वाले लोगों की संख्या, स्थान, आंदोलन के स्वरूप, आंदोलनकारियों के नाम, आंदोलन की रणनीति के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
रात को पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट
आदमपुर के तहसीलदार आर बूरा शनिवार की देर शाम संभावित धरना स्थलों पर पहुंचे। यहां आसपास के लोगों से बातचीत करके अधिकारियों को जानकारी भेजी। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर भूमिका निभाते हुए उन्होंने संभावित स्थानों की सूची भेजी।
प्रशासन ने की अपील
उपायुक्त निखिल गजराज ने जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे 5 जून को प्रस्तावित जाट आरक्षण आंदोलन में रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय व राज्यीय राजमार्गों पर जाम ना लगाएं। युवाओं से भी आह्वान किया कि वे किसी के बहकावे में न आएं।
अफवाहों पर ध्यान न दें। आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करें। रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय व राज्यीय राजमार्गों पर जाम लगाता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनन रूप से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों की संपत्ति से वसूल की जाएगी।
मय्यड़ के चारों ओर ही तैनाती
आंदोलन को देखते हुए जगह-जगह फोर्स तैनात कर दी गई है। जिले में सैन्य सुरक्षा बलों की छह कंपनियां पहुंच चुकी हैं। इसमें महिला टुकड़ी भी शामिल है। मय्यड़ ट्रैक को बाधित होने से रोकने के लिए शनिवार से पैरामिलिट्री फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। रेलवे की जीआरपी पुलिस भी अलर्ट है।
समिति की रणनीति ने छुड़ाए पसीने
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रणनीति के तहत स्थान का एलान नहीं किया है। दरअसल समिति सदस्यों को डर है कि स्थान की जानकारी दिए जाने के बाद प्रशासन की ओर से उस स्थान के मालिक पर दबाव डालकर उसे रद कराया जा सकता है।
पिछली बार प्रशासन की ओर से ऐसा किया गया था। इसी से सबक लेते हुए समिति ने यह कदम उठाया है। जाट आरक्षण को लेकर मय्यड़ गांव में आरक्षण आंदोलन का एलान किए जाने के बाद शनिवार को सीआईडी तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट देर रात तक धरना स्थल को चिह्नित करने में जुटे रहे। जाट नेताओं की ओर से स्थान का घोषित नहीं करने के कारण अधिकारी संभावित स्थलों की फोटो व्हाट्स एप पर भेजते रहे।