एचएयू के हॉस्टलों में वाहन रखने पर प्रतिबंध लगाने के बाद हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को एचएयू के मुख्य गेट नंबर 4 पर धरना प्रदर्शन किया। विद्यार्थी गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे रजिस्ट्रार ने विद्यार्थियों को समझाने के प्रयास किया। इस दौरान उनके साथ एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन आरके पानू, डीएसडब्लयू डीपी नांदल सहित अन्य डीन, डायरेक्टर भी थे। लेकिन विद्यार्थियों ने किसी की भी नहीं सुनी। देर शाम तक विद्यार्थी गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठे रहे।
गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सर्कुलर जारी कर एचएयू के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को वाहन न रखने के आदेश दिए थे। जिसके बाद लगभग सभी छात्र-छात्राओं ने अपने वाहन अपने घर पहुंचा दिये थे। लेकिन शुक्रवार सुबह विद्यार्थी अचानक धरने पर बैठ गए। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रशासन से बात करने का भी न्यौता दिया गया। लेकिन विद्यार्थियों ने किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार कर दिया।
नहीं है वाहन रखने की इजाजत
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार हॉस्टल मे रहने वाले विद्यार्थियों को वाहन रखने की अनुमति नहीं है। दाखिले के समय ही छात्र-छात्राओं से वाहन आदि न रखने की शर्त को लेकर फॉर्म भरवा लिया गया था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ढील के चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थी वाहन रखने लगे थे। पिछले दिनों हुए एक हादसे में एक विद्यार्थी की मौत हो गई थी। जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के चलते वाहन न रखने के आदेश जारी किए थे।
विद्यार्थियों की परेशानी
विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रार के समक्ष बताया कि उन्हें कक्षाओं और हॉस्टलों से फील्ड में जाना पड़ता है जो बहुत दूर है। वहीं विश्वविद्यालय कैंपस में बहुत सी चीजें नहीं मिलती। उन्हें लेने के लिए बाहर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कानून भी 18 वर्ष से अधिक के बच्चों पर वाहन चलाने की पाबंदी नहीं लगाता। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन यह करके उनके अधिकारों का हनन कर रहा है।
2012 में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों ने किया था एलान
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक देश और दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों ने 2012 ने यह एलान किया था कि संस्थानों में वाहनों का न्यूनतम उपयोग हो। देश के बड़े बड़े संस्थानों आईआईएम, आईआईटी आदि में भी विद्यार्थियों को वाहन रखने की अनुमति नहीं है। एचएयू ने भी तब यह निर्णय लिया गया था कि नए आने वाले बैच के विद्यार्थी वाहन नहीं रखेंगे। दाखिले के दौरान विद्यार्थियों के पेरेंट्स को भी इस बारे में अवगत करवा दिया गया था। इसी के चलते इस वर्ष हॉस्टलों में वाहनों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा हाल ही में हादसे में एक छात्र की मौत और हॉस्टलों में विद्यार्थियों का आपसी झगड़ा भी इसका एक कारण माना जा रहा है।
साइकिल पर सवार होकर ऑफिस पहुंचे कुलपति
हिसार। आसमान में इन दिनों छाया हुआ स्मॉग मानव जनित समस्या है जिसके निवारण में हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए। यह बात चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कही।
प्रो. सिंह स्वयं साइकिल पर सवार होकर अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि तापमान में गिरावट तथा दीपावली पर हुई आतिशबाजी के साथ-साथ धान की पराली व फाने जलाने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है जो इस गहरे स्मॉग का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा इस समस्या के समाधान में हर व्यक्ति को अपने ढंग से सहयोग देना चाहिए ताकि इसके कारण होने वाली दुर्घटनाओं तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय विशेषकर विद्यार्थियों से वायु प्रदूषण तथा स्मॉग को कम करने में अपना पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा चौपहिया या दुपहिया वाहन के स्थान पर परिसर में साइकिल का प्रयोग इस दिशा में उनकी ओर से एक पहल हो सकती है। उधर, विश्वविद्यालय के विशेष कार्य अधिकरी डॉ. एमके गर्ग भी साइकिल पर अपने कार्यालय पहुंचे।