गर्मियों की छुट्टियां समाप्त होने के बाद शुक्रवार से स्कूल खुल गए। पहले दिन सरकारी स्कूलों में 30 प्रतिशत के लगभग ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे। शुक्रवार को शहर के तकरीबन सभी सरकारी स्कूल खोले गए।
जबकि प्राइवेट स्कूलों में से कुछ स्कूलों को खोला गया तो कुछ स्कूलों को बंद रखा गया। गौरतलब है कि पहले गर्मियों की छुट्टियां 26 तक ही थीं। लेकिन गर्मी की अधिकता को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों को बढ़ा दिया गया था।
कुछ कक्षाओं में तो दो से तीन की संख्या में ही आए विद्यार्थी
गर्मियों के अवकाश के बाद गर्मी की अधिकता को देखते हुए पहले दिन काफी कक्षाओं में तो दो से तीन विद्यार्थी ही स्कूलों में पहुंचे। मॉडल टाउन स्थित सरकारी हाई स्कूल में 500 विद्यार्थियों में से सिर्फ 124 विद्यार्थी ही स्कूल में पहुंचे। वहीं बच्चे मस्ती के मूड में नजर आये और अधिकांश समय खेलने में व्यतीत किया।
टीचिंग स्टाफ की संख्या भी रही कम
गर्मियों के अवकाश के बाद टीचिंग स्टाफ भी काफी कम संख्या में उपस्थित हुए। स्कूलों में उपस्थित अध्यापकों ने कहा कि गर्मियों के अवकाश के बाद हर बार ऐसा होता है कि बच्चे तीन चार दिन बाद ही नियमित रूप से आते हैं।
पांच जुलाई से खिलाएंगे आयरन की गोलियां
हिसार। उप सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल ने बताया कि विभिन्न स्कूलों की छठी से 12वीं कक्षा तक तथा स्कूल न जाने वाली किशोरियों को आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी। ये गोलियां किशोरियों में खून की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से खिलाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि आयरन की गोलियां खिलाने का अभियान (डब्ल्यूआईएफएस प्रोग्राम-2016) पहले जहां 4 जुलाई से आरंभ किया जाना था, लेकिन अब अभियान का प्रारंभ 5 जुलाई से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्कूलों में 6 से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को स्कूलों में व स्कूल न जाने वाली सभी किशोरियों को नजदीक के आंगनबाड़ी केन्द्र में आयरन की गोलियां सप्ताह में एक बार खिलाई जाएंगी।