विजिलेंस की टीम ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के फरीदाबाद और हिसार ऑफिस में कार्यरत सात अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। मामला फरीदाबाद में तीन करोड़ रुपये की कीमत के पिलर बॉक्स में घोटाला करने का है।
निगम के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सातों अधिकारियों पर आरोप है कि दक्षिणी हरियाणा बिजली निगम की ओर से वर्ष 2013 में फरीदाबाद डिविजन में पिलर बॉक्स लगाने के लिए ठेका दिया गया था। ठेकेदार को तीन करोड़ रुपये के पिलर बॉक्स लगाने को कहा गया था। मगर अधिकारियों से मिलीभगत करके ठेकेदार ने पिलर बॉक्स का पूरा सामान नहीं लगाया था।
उसके बावजूद अधिकारियों ने ठेकेदार की सारी पेमेंट कर दी थी। जब इस मामले की जानकारी किसी तरह से निगम के उच्चाधिकारियों को मिली तो उन्होंने मामले की जांच करवाई। जांच में उन्होंने पाया कि बिजली निगम के कई बड़े अधिकारी इस घोटाले में शामिल है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट को विजिलेंस के अधिकारियों को सौंप दिया।
विजिलेंस ने अपने स्तर पर की दोबारा जांच
बिजली निगम के उच्चाधिकारियों के द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को आधार बनाकर विजिलेंस की टीम ने अपने लेवल पर जांच शुरू की। उन्होंने भी सभी सातों अधिकारियों को तीन करोड़ रुपये के घोटाले में लिप्त पाया। इसके बाद उन्होंने सभी अधिकारियों को सस्पेंड करने व पकड़ने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
बिजली निगम के दिल्ली सर्कल के चीफ इंजीनियर सुभाष देसवाल, हिसार स्थित निगम कार्यालय के प्लानिंग एवं डिजाइन शाखा में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर मनदीप कुंडू, फरीदाबाद सर्कल में कार्यरत एसई आरएस यादव, हिसार ऑफिस के एनर्जी ऑडिट शाखा में कार्यरत एक्सईएन विकास मोहन दहिया, ओल्ड फरीदाबाद में कार्यरत एक्सईएन जितेन्द्र ढुल, एनआईटी फरीदाबाद में कार्यरत एक्सईएन राम निवास यादव और एसडीओ (ऑपरेशन) अनिल सोलंकी हैं।
विजिलेंस की टीम ने हिसार व फरीदाबाद के सात बडे़ अधिकारियों को सस्पेंड किया है। फरीदाबाद डिविजन में पिलर बॉक्स लगवाने को लेकर हुई घोटाले के आरोप में इन अधिकारियों को पकड़ गया है। -डीपी ढुल, प्रवक्ता, डीएचबीवीएन।