केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के भू संसाधन विभाग की सचिव वंदना कुमारी जेना ने शुक्रवार को एचएयू स्थित हरसेक कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हरसेक में की जा रही गतिविधियों का अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हरियाणा रिमोट सेंसिंग डाटा का बेहतर प्रयोग करने वाले राज्यों में से एक है।
वंदना कुमारी जेना ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से लैंड यूज पॉलिसी बनाई जा रही है, जिसमें रिमोट सेंसिंग डाटा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस डाटा के माध्यम से भूमि के साइंटिफिक प्रयोग के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी। घटते भू-संसाधनों के मद्देनजर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट के लिए वैज्ञानिक लैंड यूज पॉलिसी का बनाना समय की आवश्यकता है। इसके साथ हम अपनी भूमि का सही उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हरसेक के भू-रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण की प्रक्रिया को सभी राज्य अपने क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार विकसित कर प्रयोग कर सकते है। वंदना ने हरसेक के फोटो जियोमेट्री लैब का भी दौरा किया और वहां हाई रेज्यूलेशन सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से किए जा रहे एनएलआरएमपी कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की। उधर, हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक विकास गुप्ता ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में अवैध कालोनियों का रिकॉर्ड प्राप्त करने में हरसेक महत्वपूर्ण काम कर रहा है।
इस अवसर पर हरसेक के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएस हुड्डा, महाप्रबंधक भू-संसाधन भारत सरकार नीरज श्रीवास्तव, अंडर सेक्रेटी केके फूल, अतिरिक्त उपायुक्त राजनारायण कौशिक, एसडीएम हिसार अशोक कुमार बंसल, हरसेक के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुलतान सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक वीएस आर्य, डीआईओ एनआईसी एमपी कुलश्रेष्ठ, डीआरओ विरेन्द्र भारद्वाज, डॉ. अनूप कुमार, महाबीर आर्य, अचर सिंह व पूनम आदि उपस्थित थे।