शहर के 8 रिहायशी व तीन कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल डेवलप हुए सेक्टर अब हुडा के नहीं नगर निगम के हो गए हैं। बिजली पानी, सीवरेज, लाइट सहित मूलभूत सुविधाओं के लिए सेक्टरवासी आज से नगर निगम में शिकायत करें।
यूनियन के विरोध के बावजूद हुडा के फील्ड स्टाफ, जिनमें 97 कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में पहुंचकर मंगलवार को एक साल की डेपुटेशन पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। जिले में हुडा ने कुल 100 कर्मचारी नगर निगम व हांसी पालिका में भेजे हैं। इसके अलावा हुडा ने सर्कल से 270 से ज्यादा कर्मचारी नगर निगमों व पालिकाओं व परिषदों में भेज दिए हैं।
मंगलवार को हुडा एडमिनिस्ट्रेटर व नगर निगम अधिकारियों की मीटिंग हुई। हुडा अधिकारियों ने निगम में भेजे जाने वाले कर्मचारियों को रिलीव कर दिया। हालांकि कुछेक कमियों को दूर करने के लिए मंगलवार को तीन बजे दोबारा दोनों विभागों के अधिकारियों की मीटिंग होगी। फिलहाल फील्ड स्टाफ को निगम में भेजा गया है। इंजीनियरिंग स्टॉफ हुडा कार्यालय में रहकर ही आगामी तीन महीने तक नगर निगम के अधिकारियों का सहयोग करेंगे और हू ब हू काम देखेंगे।
ये सेक्टर आज से संभालेगा निगम
अर्बन इस्टेट टू, सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, सेक्टर 9-11, मेला ग्राउंड एरिया, सेक्टर 14, पीएलए व सेक्टर 15, कॉमर्शियल साइट जिनमें ओल्ड कोर्ट, अर्बन इस्टेट वन व एक इंडस्ट्रियल सेक्टर जिनमें 27-28 शामिल हैं।
उधर कुछ कर्मचारी पहुंचे स्टे के लिए कोर्ट
कुछ कर्मचारी सीनियर को छोड़कर जूनियर कर्मचारी को भाई भतीजावाद के चलते निगम में भेजे जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सोमवार को कानूनी राय ली। स्टे के लिए वे हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।
निगम का एरिया बढ़ा
शहर के लगभग सारे सेक्टर निगम में आ जाने से अब निगम अधिकारियों की परेशानी बढ़ सकती हैं। सेक्टर्स में काम करने व हुडा अधिकारियों को विशेष अधिकारी होने के चलते उन्हें उन्हीं के अनुरूप काम करने में परेशानी आ सकती है। हालांकि अभी मंथन होना बाकी है।