जाट आरक्षण आंदोलन के विरोध में बिठमड़ा बस अड्डे के पास रास्ता जाम करने के मामले के चार आरोपियों को बुधवार को अदालत ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। सीजेएम वर्षा जैन की अदालत में इस मामले की सुनवाई हो रही थी।
चार साल पहले 17 फरवरी 2016 को उकलाना थाने में एक पुलिसकर्मी की शिकायत पर इस संबंध में केस दर्ज हुआ था। उल्लेखनीय है कि बिठमड़ा निवासी इंद्र, भीमा, राममेहर और पूर्व सरपंच रामभगत पर आरोप था कि जाट आरक्षण के दौरान हुए आंदोलन में इन्होंने बिठमड़ा बस अड्डे के पास टायर व बुग्गी से रोड जाम किया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले में चारों आरोपी जमानत पर चल रहे थे। बुधवार को सीजेएम वर्षा जैन की अदालत ने चारों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।