हिसार। कोविड-19 के चलते मार्च 2020 से पैरोल पर चल रहे कैदियों की मंगलवार से जेल वापसी की शुरुआत हो चुकी है। कोरोना का खतरा कम होते ही सरकारी आदेशानुसार कैदियों को जेल में वापस आने के आदेश जारी किए गए थे। मंगलवार को प्रथम चरण में जिले की दोनों जेलों में 49 में से 48 कैदी लौटे हैं।
जेलों से कैदियों को पैरोल पर इसलिए भेजा गया था, ताकि जेलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके और कोविड-19 के संक्रमण से बचे रहें। जिले में सेंट्रल जेल-1 में से 361 और सेंट्रल जेल-2 से 89 कैदी पैरोल पर गए थे। हालांकि पहले इन कैदियों में से कुछ को 15 फरवरी को लौटना था और कुछ को 31 मार्च को, लेकिन बाद में आदेश जारी किए गए कि ये कैदी 23 फरवरी से लौटना शुरू करेंगे। मंगलवार को जेलों में सात वर्ष से ज्यादा सजा वाले कैदी लौटे हैं।
पांच से छह चरण में लौटेंगे कैदी
ये कैदी 10 से 12 दिन के अंतराल में पांच से छह चरण में लौटेंगे। इस तरह मार्च तक यह सिलसिला चलेगा। पहले सात वर्ष से ज्यादा कैद वाले कैदी लौटेंगे बाद में सात वर्ष से कम कैद वाले कैदी लौटेंगे। जिला सेंट्रल जेल-1 में पहले चरण में 41 कैदी लौटने थे। इनमें से एक कैदी सोमवार को ही सरेंडर करने आ गया था, क्योंकि उसकी सजा पूरी हो चुकी थी। इसलिए कागजी कार्रवाई पूरी कर उसे छोड़ दिया गया था। उसके बाद मंगलवार को बाकी के 40 कैदी लौटे। वहीं सेंट्रल जेल-2 में आठ कैदी लौटने थे। इनमें से सात कैदी ही लौटे हैं। इनमें तीन महिला और चार पुरुष कैदी हैं। हालांकि कैदियों को लौटने के लिए दोपहर 12 बजे तक कहा गया था, लेकिन शाम करीब सात बजे तक उनका इंतजार किया गया, क्योंकि कुछ कैदी दूर क्षेत्र से भी थे। कैदियों को जेल वापसी के लिए जेल प्रशासन की ओर से उन कैदियों के निवास के क्षेत्र की पुलिस को पत्र लिखा गया था, ताकि वह कैदियों को जेल वापसी का संदेश दे सके। अब अगला चरण 5 मार्च का है। पांच मार्च को भी जेल -1 में 40 और जेल-2 में आठ कैदियों को लौटना होगा, जो कैदी जेल वापसी नहीं करेगा तो 10 दिन तक की उसे मोहलत दी जाएगी। उसके बाद उसके खिलाफ संबंधित क्षेत्र की पुलिस केस दर्ज करेगी।
ये रही व्यवस्थाएं
दोनों सेंट्रल जेल के अधीक्षकों ने बताया कि जेल में कैदियों को प्रवेश से पहले नाके पर ही उनका रैपिड टेस्ट किया गया और स्क्रीनिंग की गई। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें प्रवेश दिया गया। इन सभी कैदियों को फिलहाल अलग बैरक में रखा गया है। पांच मार्च को दूसरे चरण के कैदियों के लौटने पर इन्हें अन्य बैरकों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। पांच दिन बाद इन कैदियों की कोरोना संबंधी जांच की जाएगी। वहीं कैदियों को प्रवेश से पूर्व अच्छे से सैनिटाइज किया गया और मास्क के साथ ही प्रवेश दिया गया।
हर शनिवार वकीलों से मुलाकात कर सकेंगे कैदी
कोविड-19 संक्रमण के कारण, कैदियों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ मिलने करने की प्रक्रिया को भी निलंबित कर दिया गया था, अब हाई पावर्ड कमेटी ने कैदियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक फिर से मुलाकात शुरू करने की अनुमति है। विचाराधीन कैदियों और दोषियों को भी हर शनिवार को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी गई है। एक महीने में दो बार अपने परिवार के सदस्यों के साथ विचाराधीन कैदी मिलेंगे, जबकि दोषियों को महीने में एक बार मिलने की अनुमति होगी।
40 कैदी आए हैं
प्रथम चरण में 41 कैदियों को लौटना था। इनमें से एक कैदी कल ही सरेंडर कर चुका है। उसकी सजा पूरी भी हो चुकी है। इसके अलावा बाकी के 40 कैदी आज आ गए हैं।
-दीपक शर्मा, सेंट्रल जेल-1 अधीक्षक, हिसार।
एक कैदी नहीं आया
प्रथम चरण में आठ कैदी लौटने थे। इनमें से सात कैदी लौटे हैं। एक कैदी जो नहीं आया है। अगर वह 10 दिन तक नहीं लौटेगा तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवा दिया जाएगा।
दयानंद, सेंट्रल जेल- 2 अधीक्षक, हिसार।