जिला परिषद चेयरमैन के चुनाव के लिए होने वाली मीटिंग में भाजपा के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल भी ताकत के साथ उतरेगी। सांसद दुष्यंत चौटाला भी मीटिंग में मौजूद रहेंगे। इनेलो के विधायक भी जिला परिषद, ब्लॉक समितियों की मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
चेयरमैन के चुनाव से पहली रात इनेलो ने पूरी ताकत लगा दी है। चेयरमैन के लिए रणनीति तय करने की जिम्मेेदारी सांसद दुष्यंत को सौंपी गई है। सांसद दुष्यंत शनिवार की सुबह से ही जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों के साथ मीटिंग करने में व्यस्त रहे।
अलग-अलग गुटों में आने वाले पार्षद लगातार सांसद से विमर्श करते रहे। इनेलो की ओर से दावा किया गया कि इनेलो बहुमत के करीब है। चेयरमैन के लिए उनका दावा पूरी तरह से मजबूत है। शाम होते ही सांसद दोबारा से हिसार लौट आए। रात के समय भी पार्षदों को साधने का प्रयास जारी रहा।
अभिमन्यु की टीम रही सक्रिय
दूसरी ओर भाजपा का चेयरमैन बनाने के लिए प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की टीम सक्रिय रही। सुबह से ही मीटिंग का सिलसिला शुरू हो गया था। चेयरमैन पद को लेकर देर रात तक फैसला नहीं हो सका। देर शाम कैप्टन अभिमन्यु ने पार्षदों को दिल्ली कोठी पर बुला लिया।
शाम को हिसार से अलग अलग गाड़ियों में निकले पार्षद देर रात दिल्ली पहुंचे। यहां चेयरमैन के चुनाव को लेकर मंत्रणा की। देर रात तक यह तय नहीं किया जा सका कि रविवार को चुनाव कराया जाए या बैठक को स्थगित कराया जाए। कई पार्षदों ने बैठक को कोरम पूरा न करते हुए बैठक को स्थगित कराने का प्रस्ताव रखा। दरअसल पहली बैठक में कोरम पूरा करने के लिए दो तिहाई यानी 20 सदस्य उपस्थित होना जरूरी है।
यह भी जानिए
जिला परिषद चेयरमैन चुनाव के लिए पहली मीटिंग में चुनाव कराने के लिए दो तिहाई सदस्य उपस्थित होना चाहिए। यानी हिसार की 30 सदस्य वाली जिला परिषद में मीटिंग का कोरम पूरा करने के लिए 20 सदस्य होने चाहिए। इतने सदस्य उपस्थित होने के बाद ही मीटिंग शुरू होगी।
इसके बाद चुनाव कराया जा सकता है। पहली मीटिंग में चुनाव नहीं हो पाता तो दूसरी मीटिंग साधारण बहुमत के साथ शुरू हो सकती है। यानी रविवार की मीटिंग स्थगित हो जाती है तो अगली मीटिंग करने के लिए कुल 16 सदस्य ही काफी हैं। ऐसे में चुनाव कराया जाना आसान हो जाता है।
पहली मीटिंग में कभी चेयरमैन नहीं बने
जिला परिषद का पहला चुनाव 1994 में कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2000 में दूसरा, वर्ष 2005 में तीसरा तथा वर्ष 2010 में चौथी बार जिला परिषद के चुनाव हुए थे। पिछले चार चुनाव के रिकॉर्ड की बात करें तो आज तक पहली बैठक में चेयरमैन का चुनाव कभी नहीं हो सका। हर बार दूसरी या तीसरी मीटिंग में ही चुनाव कराया जा सका।
नई दीवार घडी मंगाई अधिकारियों ने
जिला परिषद की पहली मीटिंग में कोरम पूरा होने के लिए अधिकारी एक घंटा इंतजार करेंगे। ठीक 12 बजे तक कोरम पूरा नहीं हुआ तो बैठक रद्द कर दी जाएगी। समय पूूरी तरह से सही हो इसके लिए जिला परिषद के अधिकारियों ने शनिवार को नई दीवार घड़ी खरीदी। इसमें नई बैटरी डालकर इसे जांच परखकर टीवी, रेडियो के साथ समय का मिलान कर मीटिंग हॉल में लगाया है।
जिला परिषद चेयरमैन के चुनाव के लिए रविवार सुबह 11 बजे मीटिंग होगी। प्रशासन की ओर से सभी पार्षदों को पत्र के अलावा मोबाइल पर भी संदेश दिया गया है। चुनाव के लिए ईवीएम तैयार कर ली गई हैं। जिला परिषद के सभागार में होने वाली मीटिंग में मौके पर ही नामांकन लेकर वोटिंग के जरिए चेयरमैन का चयन किया जाएगा।
- विजय कुमार, एडीसी एवं चुनाव अधिकारी, हिसार
ब्लॉक समिति के चुनाव की तैयारी
ब्लॉक समय स्थान चुनाव अधिकारी
हांसी सेकेंड सुबह 11 बजे बीडीपीओ ऑफिस हांसी डीआरओ राजबीर धीमान
हांसी फर्स्ट शाम 4 बजे बीडीपीओ ऑफिस हांसी एसडीएम हांसी जगदीप सिंह
उकलाना सुबह 10.30 बजे बीडीपीओ ऑफिस उकलाना बरवाला एसडीएम पृथ्वी सिंह
बरवाला दोपहर 2.30 बजे बीडीपीओ ऑफिस बरवाला बरवाला एसडीएम पृथ्वी सिंह
नारनौंद सुबह 11 बजे बीडीपीओ ऑफिस नारनौंद एसडीएम हांसी जगदीप सिंह
ड्यूटी मजिस्ट्रेट संभालेंगे बाहर की व्यवस्था
ब्लॉक समितियों के चुनाव के लिए प्रशासन की ओर से तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। यह ड्यूटी मजिस्ट्रेट चुनाव हॉल के बाहर कानून व्यवस्था संभालेंगे। इनके सहयोग के लिए पुलिस की टीम भी मौजूद रहेगी। जिला परिषद के चुनाव के लिए दो ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।