जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष दलजीत पंघाल ने कहा कि इसी विधानसभा सत्र में आरक्षण विधेयक लाने के वादे से सरकार मुकरी तो हम सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे। आंदोलन के समय साजिश के तहत कराई गई लूटपाट, आगजनी में जाट समाज के निर्दोष को फंसाया तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इस पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराई जाए।
जाट धर्मशाला में मीडिया से बातचीत करते हुए दलजीत पंघाल ने कहा कि जाट समाज किसी जाति या व्यक्ति से आरक्षण नहीं मांग रहा। हम सरकार से आरक्षण मांग रहे हैं। केंद्र में 2278 जातियों को ओबीसी में आरक्षण मिला हुआ। आज तक किसी जाति को मिला आरक्षण वापस नहीं लिया गया।
केवल जाट समाज के आरक्षण को छीना गया। गुजरात में पटेल, महाराष्ट्र में मराठा, आंध्रप्रदेश में कापू जाति आरक्षण मांग रही है। क्या ओबीसी की ब्रिगेड वहां जाकर भी विरोध करेगी। सैनी, अहीर, गुर्जर के साथ जाट को भी आरक्षण दिया गया था। हमारा आरक्षण काट दिया तो हमने इन जातियों का आरक्षण खत्म कराने के लिए कभी मांग नहीं की।