हिसार बार एसोसिएशन ने लिया कालाबाजारी करने वालों की पैरवी न करने का फैसला।
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कोरोना महामारी में दवाओं आदि की कालाबाजारी में लगे लोगों की पैरवी कोई वकील नहीं करेगा। यह फैसला हिसार बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वर्चुअल बैठक में लिया गया। एसोसिएशन ने ऐसे लोगों को दानव की संज्ञा दी। बैठक में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों को स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से पकड़वाने में अहम भूमिका निभाने वाले बार के सदस्य एडवोकेट कुमार मुकेश व आरटीआई एक्टिविस्ट रमेश वर्मा का आभार जताया।
बैठक में कोरोना काल में कालाबाजारी करने वाले लोगों की बार एसोसिएशन के किसी सदस्य द्वारा कोई पैरवी नहीं किए जाने का प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में बार सदस्य एडवोकेट पीएस बिश्नोई और सुरेंद्र सैनी की रविवार को कोरोना से अकस्मात मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।
वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए बार के अध्यक्ष एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने कहा कि पिछले कई दिनों से रेमडेसिवीर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर समाज मे अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए। एडवोकेट बिश्नोई ने प्रशासन से इस गिरोह की तह तक जाने की अपील की है। जिला बार एसोसिएशन हिसार का कोई सदस्य अदालत में ऐसे लोगों की पैरवी नहीं करेगा। साथ ही कोरोना महामारी में सहयोग के लिए जिला बार एसोसिएशन की तरफ से जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर बार रूम को जरूरत पड़ने पर कोविड सेंटर बनाए जाने का ऑफर भी दिया है।
बार के वरिष्ठ सदस्यों के सुझाव पर यह ऑफर भी दिया गया कि वकीलों के चैंबर भी इसके लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। बार के सचिव एडवोकेट संदीप बूरा ने कहा कि अगर प्रशासन की तरफ से कोई जिम्मेदारी बार एसोसिएशन की लगाई जाती है तो उसे बार सदस्यों के सहयोग से हर सम्भव पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वर्चुअल बैठक में बार के उपप्रधान एडवोकेट राजेश यादव, सह सचिव पीयूष तापड़िया व कोषाध्यक्ष सीता राम भाटी भी जुड़े।