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डीआई भी एक रेमडेसिविर मांग रहे थे, मैंने मना कर दिया ...

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रेमडेसिविर के 3400 रुपये के एक इंजेक्शन को 40 हजार रुपये में बेचने के स्टिंग ऑपरेशन में केमिस्ट होलसेल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव खुराना के भाई अरुण खुराना, भतीजे पार्थ खुराना को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस स्टिंग की एक वीडियो भी वायरल हुई है। जिसमें टीका मंगवाने की पूरी घटना रिकॉर्ड है। पुलिस व ड्रग कंट्रोलर की टीम ने एक मीडिया कर्मी कुमार मुकेश तथा आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा को 40 हजार रुपये की नकदी देकर फर्जी ग्राहक बनाकर होली हेल्प अस्पताल की दवा की दुकान से इंजेक्शन लाने के लिए भेजा।
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होली मेडिकल हॉल, हिसार
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डमी ग्राहक - हमें रेमडेसिविर इंजेक्शन चाहिए
पार्थ - आपका मरीज इसी अस्पताल में या नहीं ?
डमी ग्राहक -- नहीं दूसरे अस्पताल में है ।
पार्थ -- तो रेमडेसिविर तो फिर वहीं पर मिलेगा ?
डमी ग्राहक -सर, वहां नहीं मिल रहा इसलिए आए हैं ।
पार्थ --यहां के बारे में किसने बताया?
डमी ग्राहक - मैं खुद फार्मासिस्ट हूूं, हमारे जानकार ने भी यहां से इंजेक्शन खरीदा था ।
पार्थ-- इस बारे में चाचा से बात करता हूं, थोड़ी देर बाद पार्थ के चाचा अरुण खुराना आते हैं
अरुण खुराना- यह इंजेक्शन तो तीन दिन से नहीं है, अभी सीबीआई क्राइम दिल्ली के अधिकारी को यहां अस्पताल में दाखिल करवाया है। उनके लिए भी इंजेक्शन नहीं मिला है। सर्वोदय अस्पताल में 49 इंजेक्शन पड़े हैं, सीएमसी अस्पताल में भी है, आपको वहां से मिल जाएंगे।
- अरुण खुराना- डीआई (दवा नियंत्रक अधिकारी ) सुरेश चौधरी का भी फोन आया था। कह रहे थे एक वाइल दे दे बहुत जरूरी है, मैंने उनको भी कहा कि सर स्टॉक नहीं है।
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- थोड़ी देर बाद अरुण खुराना- एक व्यक्ति को फोन पर बात करके पूछता हूं, व्हाट्सएप से कॉल करते हैं।
अरुण खुराना - इंजेक्शन मिल जाएगा लेकिन वह 45 हजार रुपये मांग रहा है। आखिरी 40 हजार रुपये में देने को तैयार है, इतने रुपये में आपको लेना है तो मैं मंगवा देता हूं।
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अरुण खुराना- मेरे सगे भाई बीमार हुए थे तो उनको भी माइलन कंपनी का ही इंजेक्शन लगवाया था और आज वे ठीक हैं।
डमी ग्राहक- हम 40 हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदने के लिए तैैयार हैं ।
अरुण --पार्थ जहाज पुल के पास इंजेक्शन ले आओ। आधे घंटे के बाद पार्थ इंजेक्शन लेकर पहुंचा।
डमी ग्राहक इंजेक्शन खरीदते है और वहां छिपी पुलिस टीम दोनों को गिरफ्तार कर लेती है।
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