जिला परिषद के चुनाव एक बार फिर आगे सरक गए हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में जिला परिषद चेयरमैन चुने जाने की तैयारी थी। 8 अप्रैल को सीएम मनोहरलाल की विकास रैली के चलते चेयरमैन का चुनाव इस सप्ताह नहीं हो सकेंगे।
जिला परिषद चेयरमैन के लिए इंतजार कर रहे प्रत्याशियों को फिलहाल इंतजार करना होगा। हरियाणा प्रदेश का विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में चुनाव की तैयारी थी। अब 8 अप्रैल को सीएम मनोहरलाल की विकास रैली होनी है। इस कारण चुनावों को आगे सरकाने का फैसला लिया गया है। जिला परिषद के सभी सदस्यों को रैली में अपने समर्थकों को लाने का निर्देश दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार फिलहाल जिला परिषद के चुनाव को दस अप्रैल के बाद ही तय किया जाएगा। जिला परिषद चेयरमैन को लेकर भाजपा के चार सदस्य दो दिन पहले रोहतक में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से मिलने भी पहुंचे थे, जिसमें चेयरमैन के नाम को लेकर फैसला नहीं हो सका।
चेयरमैन पद को लेकर बने निर्दलीय प्रत्याशी गुट में भी फिलहाल हलचल नहीं है। जिला परिषद में कुल 30 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा समर्थक ज्यादा जीतकर आए हैं। भीतरी घात से घबराई भाजपा हर कदम फूंक फूंक कर रखना चाहती है इस कारण चुनाव में लगातार देरी हो रही है।
जनवरी में चुने गए थे जिला परिषद सदस्य
जिला परिषद के लिए 10 जनवरी, 17 जनवरी और 24 जनवरी को मतदान हुआ था। इसके बाद 28 जनवरी को मतगणना कर परिणाम घोषित किए गए थे। इसके बाद 10 फरवरी को चुनाव परिणाम की अधिसूचना जारी की गई। जिला परिषद सदस्यों को करनाल में 12 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह रखा गया था।
छह मार्च की बैठक में नहीं आया था कोई
जिला परिषद की पहली मीटिंग 24 फरवरी को होनी थी। जाट आरक्षण आंदोलन के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 6 मार्च को जिला परिषद चेयरमैन के लिए मीटिंग बुलाई गई। जिला परिषद के तीस सदस्यों में कोई भी बैठक में हिस्सा लेने नहीं पहुंचा, जिस कारण बैठक को रद्द कर दिया गया।
चुनाव अधिकारी गए विदेश
जिला परिषद चेयरमैन चुनाव के लिए एडीसी विजय कुमार को नियुक्त किया गया था। एडीसी 20 दिन के अवकाश पर विदेश चले गए हैं। ऐसे में चुनाव के लिए किसी दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी। ऐसा न होने पर डीसी डॉ. चंद्रशेखर चुनाव कराएंगे।