गांव भाणा में धारणिया रोड स्थित कस्वां परिवार की ढाणी में दादा-पोते की मौत के बाद पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए हैं। रिछपाल की पत्नी बाली की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीण बलवंत कस्वा, भागीरथ, राम सिंह, रामस्वरूप, ओमप्रकाश, बनवारी, राधेश्याम डेलू, विजय गोदारा, रामकुमार आदि ने बताया कि इस ढाणी में रिछपाल, फुसाराम, भाल सिंह और रूलीराम चार भाइयों के परिवार पास-पास रह रहे हैं। इनमें से फुसाराम और रूलीराम की मौत हो चुकी है। 10 मई को रिछपाल, पत्नी बाली देवी, उसका बेटा धोलूराम, धोलूराम की पत्नी अंगूरी, धोलूराम का पुत्र मोहित, बेटी मोनिका व किरण और भतीजी अंजू बीमार हो गए। एक साथ हुई दो मौतों के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद चिकित्सा विभाग हरकत में आया।
बालक के शव का हुआ पोस्टमार्टम
ग्रामीणों ने उल्टी दस्त से रिछपाल की मौत होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं करवाया था। सोचा था कि वैसे ही मौत हो गई होगी, लेकिन अचानक मोहित की मौत होने के बाद परिवार सहम सा गया और 11 वर्षीय हुई मोहित का हिसार के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। डॉ. रोशनलाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का सही पता लगेगा। शव के विसरा को जांच के लिए मधुबन भेजा जाएगा।
परिवार को मिले आर्थिक सहायता
पूरा परिवार बीमारी की चपेट में है। जिससे परिवार का लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। परिवार सदमे व आर्थिक रूप से टूट चुका है। ग्रामीण मंगलवार को आर्थिक सहायता के लिए जिला उपायुक्त से मिलेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने तुरंत परिवार की आर्थिक सहायता व उपचार पर पूरा ध्यान देना चाहिए। निजी चिकित्सक मौके का फायदा उठा रहे है।
ढाणी में बने तीनों कुंडों को करवाया खाली
चिकित्सा विभाग की टीम ने पानी व लोगों के खून के नूमने लिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने के कारण यह बीमारी हो सकती है। यहां तक की पूरे गांव में दवाइयां बांटी जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने ढाणी में बने तीनों कुंडों को खाली करवा लिया है इसके बावजूद परिवार के सदस्य लगातार बीमार पड़ रहे हैं। यहां तक की 4 पशु भी इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।