हिसार। गांव प्रभुवाला स्थित ईंट भट्ठे पर काम करने वाली गर्भवती महिला की रविवार को एंबुलेंस में ही मौत हो गई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेबसी यह थी कि शव घर ले जाने के लिए निजी वाहन का किराया तक जेब में नहीं था। उसकी हालत देख ईंट भट्ठे पर ही काम करने वालों ने उसे पैसे दिए और वह वाहन की व्यवस्था कर शव ले जा पाया।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी राम अवतार परिवार सहित प्रभुवाला में मजदूरी करने आया हुआ था। पत्नी काजल गर्भवती थी। रविवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई तो जैसे-तैसे रुपये एकत्र किए और अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। काजल ने अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। काजल की मौत से उसके डेढ़ साल के बच्चे के सिर से मां का साया छिन गया। राम अवतार अपने मासूम बच्चे के साथ कड़ाके की ठंड में रातभर अस्पताल में ही रहा। सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर उकलाना पुलिस ने उसे सौंपा तो वाहन की व्यवस्था करने तक के रुपए उसकी जेब में नहीं थे।