माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। ई-रिक्शा और दीवार के बीच फंसने से घायल संतलाल की वीरवार को कथित तौर पर समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत के बाद शुक्रवार को पैतृक गांव खरकड़ा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेटे देवेंद्र ने कहा कि व्यवस्था की लाचारी की वजह से उनके पिता जैसी दर्दनाक मौत किसी और की नहीं होनी चाहिए।
सिस्टम में सुधार के लिए वह जिला उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाएगा। देवेंद्र ने शनिवार को पुलिस के समक्ष अपने बयान दोबारा दर्ज कराए। संशोधित बयान में श्री गंगाराम अस्पताल द्वारा उपचार से इनकार करने और डायल 112 पर कॉल करने के बावजूद समय पर मदद नहीं मिलने के तथ्यों को शामिल कराया गया है।
62 वर्षीय ई-रिक्शा चालक संतलाल को घायल होने के बाद मिलगेट रोड स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। देवेंद्र का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उपचार शुरू करने से पहले 20 हजार रुपये जमा कराने की बात कही। रुपयों की व्यवस्था के लिए कुछ समय मांगा तो उपचार रोक दिया। अंततः वह अपने पिता को ई-रिक्शा में ही जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जांच अधिकारी ईएसआई जगपाल उनसे मिलने पहुंचे और दोबारा बयान दर्ज किए।