हिसार। विवादित आरडी सिटी सेंटर की बेसमेंट में नगर निगम के पूर्व भवन निरीक्षक के दुकान खरीदने के मामले में बुधवार को निगम कार्यालय में सुनवाई हुई। इस दौरान जांच अधिकारी ने पूर्व भवन निरीक्षक से सवाल-जवाब किए। वहीं शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को पूर्व भवन निरीक्षक के नाम से खरीदी गई दुकान के सबूत सौंपे। साथ ही अपना बयान लिखित में दिया। करीब सवा घंटे तक यह सुनवाई चली।
बता दें कि 9 सितंबर 2024 को आरटीआई कार्यकर्ता तिलकराज ने निगमायुक्त को शिकायत दी थी कि नगर निगम में वर्ष 2019 से 2023 तक कार्यरत भवन निरीक्षक के नाम से एक अवैध निर्माण बिल्डिंग के बेसमेंट में एक दुकान है। इस बिल्डिंग को हाईकोर्ट के एक आदेश पर सील किया गया है। इसके अलावा पूर्व भवन निरीक्षक की आय से अधिक अवैध संपत्ति भी हो सकती है। इसकी जांच की जाए कि पूर्व भवन निरीक्षक ने बेसमेंट में बनी इस अवैध दुकान को खरीदा है या अवैध निर्माण में सहयोग करने की रिश्वत के तौर पर ली है। इस शिकायत की जांच के लिए निगम प्रशासन ने उपनिगमायुक्त विरेंद्र सहारण को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।
कुछ सवालों के जवाब देने में हड़बड़ाया पूर्व भवन निरीक्षक
इस दौरान जांच अधिकारी ने पूर्व भवन निरीक्षक से कई सवाल पूछे। इस दौरान कुछ सवालों के जवाब उन्होंने दे दिए, लेकिन कुछ के जवाब देने समय वह हड़बड़ा गए। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने आरडी सिटी सेंटर को लेकर नगर निगम की तरफ से अब तक की कार्रवाई के दस्तावेज भी जांचे।
शिकायतकर्ता ने दिए अपने बयान
शिकायतकर्ता की तरफ से लिखित में दिए गए बयान के मुताबिक निगम के पूर्व भवन निरीक्षक ने आरडी सिटी सेंटर में दुकान नंबर बी1/11 खरीदी है, वह एक अवैध निर्माण है। पूर्व भवन निरीक्षक को पूर्ण रूप से इस अवैध निर्माण की जानकारी थी और इस पर कार्रवाई करने का अधिकार भी उनके पास था। मगर उन्होंने कार्रवाई न करते हुए बेसमेंट में बनी अवैध दुकान को खरीदा। इससे साफ जाहिर होता है कि पूर्व भवन निरीक्षक ने कार्रवाई न करके भवन निर्माता को फायदा पहुंचाया। उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान ईमानदारी की खाई कसम को नकारते हुए इस अवैध दुकान को खरीदा और अपने विभाग को भी धोखा दिया।