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गवर्नमेंट कॉलेज की 10 एकड़ से ज्यादा जमीन पर एचएयू का कब्जा, कॉलेज के अटके कई प्रोजेक्ट

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संदीप रामायण
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हिसार। राजगढ़ रोड स्थित गवर्नमेंट पीजी कॉलेज की करीब 10 एकड़ से अधिक जमीन पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का कब्जा है। कॉलेज ने हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक और एचएयू के कुलसचिव को पत्र लिखकर कब्जा हटवाने की गुहार लगाई है। 11 सदस्यीय कमेटी द्वारा जगह की पैमाइश भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी जमीन कॉलेज के अधीन नहीं हो पाई है। इस कारण कॉलेज के कई प्रोजेक्ट अधर में ही लटके हुए हैं।
गनर्वमेंट कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार एचएयू ने करीब 40 वर्षों से इस जमीन पर कब्जा किया हुआ है। कॉलेज की इस जमीन पर एचएयू के भवन तक खड़े कर दिए हैं। वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज प्रशासन को इस बारे में तब पता लगा, जब किसी अन्य विभाग ने कॉलेज से जमीन की मांग की। अब तक न जमीन के असली मालिक का न गवर्नमेंट कॉलेज को पता था और न ही कब्जाधारी एचएयू को। तहसील से जमीन के सारे आंकड़े निकलवाकर पटवारी से जमीन की पैमाइश करवाई गई, तो गवर्नमेंट कॉलेज की 10 एकड़ 3 कनाल 10 मरला जमीन एचएयू में निकली है। संवाद
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शुरुआत में गवर्नमेंट कॉलेज को मिली थी 41 एकड़ जमीन
- गवर्नमेंट कॉलेज के पास 41 एकड़ 4 कनाल और 1 मरला भूमि थी। हाल में बने एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए इसमें से 10 एकड़ 2 कनाल और एक मरला जमीन दे दी गई थी। कॉलेज के पास अब करीब 31 एकड़ दो कनाल जमीन बची थी। गवर्नमेंट कॉलेज के खेल मैदान के साथ लगती जमीन पर एचएयू ने कई वर्ष पहले अपनी चहारदीवारी निकाल ली। बिना किसी पैमाइश के 10 एकड़ 3 कनाल और 10 मरला जमीन को अपने घेरे में ले लिया। यही नहीं इस जमीन पर इमारतें भी बना दी गईं। जमीन पर एचएयू ने लुवास क्वार्टर और लुवास अस्पताल बनाए हुए हैं।
1976 में स्थानांतरित हुआ था कॉलेज
गवर्नमेंट कॉलेज की स्थापना 1950 में हुई थी। यह शहर के बीचों बीच था, जहां आज पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान है। इसके बाद 1976 में कॉलेज अपने नए कैंपस में स्थानांतरित हो गया। बताया गया कि नए कैंपस में स्थापना के समय 48 एकड़ जमीन थी, लेकिन उसमें से कुछ जमीन पंचायत भवन को दे दी गई थी। इसके बाद कॉलेज के पास साढ़े 41 एकड़ के करीब जमीन रह गई थी।
18 मई 2020 को हुई थी जमीन की पैमाइश
- गवर्नमेंट कॉलेज की जिस जमीन पर एचएयू कब्जा है, उस जमीन की पैमाइश 18 मई 2020 को हुई थी। पैमाइश के दौरान कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. पीएस रोहिला, कॉलेज प्रोफेसर डॉ. सुखबीर दूहन, डॉ. अशोक श्योरान, डॉ. एनएस तोमर, सतपाल सिंह सेवादार, होशियार सिंह, एचएयू सुपरिंटेंडेंट अंतराम, राकेश पटवारी, मंगतराम पटवारी बीड़ हिसार, नितिन कुमार व प्रवीन कुमार मौजूद थे। पैमाइश व निशानदेही की रिपोर्ट में भी लिखा गया है कि खसरा नंबर 1753//2,3,4,5,6,7,9/1,13,14,15,16,17,23,24 के कुछ हिस्से में नाजायज कब्जा पाया गया है।
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वर्जन-
हमारी एचएयू के पास है जमीन है। इस जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस जमीन में हमारे कॉलेज का छात्रावास, फिजिकल एजुकेशन विभाग का ओपन थिएटर, कॉलेज के एल्युमिनाई के क्वार्टर बनाए जाने हैं। कॉलेज की जमीन पर कब्जा नहीं हो सकता।
डॉ. कुसुम सैनी, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज हिसार, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।
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