हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में शिक्षकों के 55 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं। हालात यह है कि एक-एक शिक्षक को तीन-तीन शिक्षकों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है, जिससे अनुसंधान, शैक्षणिक और विस्तार शिक्षा के कार्य प्रभावित हो रहा है। विश्वविद्यालय में कुल 1030 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल लगभग 460 पद ही भरे हैं।
पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने विश्वविद्याल प्रशासन को आईसीएआर द्वारा सर्जित 100 पदों पर भर्तियां करने की अनुमति दी थी। इस अनुमति के बाद 50 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी निकाला गया, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से यह भर्तियां अटकी हुई हैं। विश्वविद्यालय में वर्ष 2017 से 2020 के बीच कुल 183 पदों पर भर्तियां हुई थी, जिनमें आईसीएआर के पद भी शामिल थे। तत्कालीन कुलपति प्रो. केपी सिंह ने यह भर्तियां की थी। 2020 में कोरोना संकट के बीच प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी संस्थानों व विभागों में रोक लगा दी थी। इसके बाद विवि प्रशासन ने प्रदेश सरकार से आईसीएआर से संबद्ध पदों पर भर्तियों के लिए अनुमति मांगी, जिसके बाद विवि प्रशासन को आईसीएआर के 100 पदों पर भर्ती करने की अनुमति मिली थी।
चार नए कॉलेज बनें, लेकिन भर्ती एक भी नहीं
विश्वविद्यालय में पिछले चार वर्षों में चार नए कॉलेज बने हैं। इनमें कॉलेज ऑफ फिशरीज, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर बावल, कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी और गुरुग्राम स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मेनेजमेंट एंड एग्रीप्रन्योशिप शामिल हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में जिस तरह से कॉलेेजों की संख्या बढ़ी है, उस तरह शिक्षकों या वैज्ञानिकों की भर्ती नहीं हुई।
कोविड संकट के कारण लंबे समय से भर्ती नहीं हो सकी थी। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और महाविद्यालयों में रिक्त पदों की समीक्षा कर रहे हैं। जल्द ही नियुक्तियां करने को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. बीआर कांबोज, कुलपति, एचएयू हिसार