चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
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हिसार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में कृषि वानिकी के लिए उपयुक्त वृक्षों की आनुवंशिक रूप से बेहतर प्रजातियों के पौधे तैयार होंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय में नई सुविधा जुटाई गई है। विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग द्वारा इस कार्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से मुहैया की गई करीब 26.4 लाख रुपये अनुदान राशि से एक मिस्ट चैंबर तथा हार्डनिंग चैंबर (शेड हाउस) का निर्माण किया गया है। कुलपति डॉ. केएस खोखर ने इस शेड हाउस का उद्घाटन किया।
इस मौके पर डॉ. खोखर ने कहा कि मिस्ट तथा हार्डनिंग चैंबरों की मदद से विभिन्न कृषि वानिकी प्रणालियों में इस्तेमाल के लिए सफेदा, महानीम, खेजरी, ड्रेक, शीशम आदि के आनुवंशिक रूप से उन्नत पौधे तैयार किए जा सकेंगे। कुलपति ने अनुसंधान निदेशक डॉ. एसएस सिवाच तथा वानिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. केएस बांगरवा के साथ मिस्ट तथा हार्डनिंग चैंबरों की कार्यप्रणाली देखी।
इस अवसर पर डॉ. बांगरवा ने बताया कि पौधा उगाने तथा कलम के फुटाव के लिए आदर्श तापमान, आर्द्रता और प्रकाश की तीव्रता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि मिस्ट चैंबर में सालभर किसी भी मौसम में इन घटकों का आदर्श संयोजन किया जा सकता है। इसलिए पूरा वर्ष बीज या कलम से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।