हरियाणा के ऐसे अनेक वीर रणबांकुरों की अनसुनी-अनदेखी कहानियां हैं, जिन्हें यदि फिल्मकार अपनी फिल्मों के माध्यम से दिखाएं तो हरियाणा का असली गौरवशाली चेहरा पूरी दुनिया के सामने आ पाएगा। ऐसे फिल्मकारों को प्रदेश सरकार की ओर से हर प्रकार की मदद दी जाएगी।
हरियाणा की कहानियां और हरियाणवी बोली इतनी सशक्त हैं कि आज इन्हें आधार बनाकर बॉलीवुड में लगातार फिल्में और टेलीविजन कार्यक्रम बन रहे हैं। यह बात कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने शुक्रवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित जन को संबोधित करते हुए कही।
28 देशों की 17 भाषाओं में बनी 168 फिल्में शामिल
मंत्री धनखड़ ने फिल्म फेस्टिवल में हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष पर आधारित स्व: लिखित कविताएं भी सुनाईं। उन्होंने आयोजकों को 2 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की। प्रदेश की स्वर्ण जयंती वर्ष को समर्पित इस फिल्म फेस्टिवल में 28 देशों की 17 भाषाओं में बनी 168 फिल्में शामिल की गईं थीं, जिनमें से प्रदर्शन के लिए 45 फिल्मों का चयन किया गया। 10 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
एयरपोर्ट के नाम पर गांधी परिवार पर बोला हमला
कृषि मंत्री ने कहा कि सदियों से देश की संस्थाओं और भवनों के नाम एक परिवार विशेष के लोगों के नाम पर ही रखे जाते रहे हैं। हालात यह है कि इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर चढ़ो और राजीव गांधी एयरपोर्ट पर उतरो। क्या इस परिवार के अलावा अन्य देशभक्त नहीं हुए, जिनके नाम पर भवनों के नाम रखे जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी सत्तासीन पार्टियों के नेताओं ने अपने पूर्वजों के नाम पर संस्थानों का नामकरण करने की अंधी परंपरा जारी रखी।
कवि डॉ. कुंवर को किया सम्मानित
इससे पूर्व आयोजकों ने प्रसिद्ध कवि डॉ. कुंवर बेचैन को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. कुंवर बेचैन ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर गुजवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, रजिस्ट्रार अनिल कुमार पुंडीर, यशपाल शर्मा, मेघना मलिक, राजीव भाटिया, धर्मेंद्र डांगी, डॉ. अल्पना सुहासिनी, अशोक त्यागी, दिनेश गोयल, रवि चौहान, जगजीवन राम, महेंद्र सिंह, अशोक भाटिया, शकुंतला भाटिया, मनीष जोशी, प्रेम चौधरी, समोसिंह चरौरा, कमलजीत मुद्गिल, विक्की बिश्नोई सहित बॉलीवुड और हरियाणवी फिल्मों के कलाकार, फिल्मकार, महाविद्यालय के विद्यार्थी, गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।