हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलपति प्रो. नरसीराम बिश्नोई ने कहा कि हरियाणा में कृषि, विनिर्माण और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत के विकास को गति देने की जबरदस्त क्षमता है। एचएसबी बिजनेस कॉन्क्लेव जैसी पहल शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससेे विद्यार्थियों को उद्योग की अंतर्दृष्टि से सीधा संपर्क प्राप्त करने और भविष्य में नेतृत्व भूमिकाओं के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। वे मंगलवार को जीजेयू के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस (एचएचबी) के सौजन्य से आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
ग्रेटर हिसार चैंबर ऑफ कॉमर्स (जीएचसीसी) के सहयोग से आयोजित कॉन्क्लेव का विषय “विकसित भारत-2047 के लिए हरियाणा का कॉर्पोरेट आउटलुक था। इस कन्क्लेव में उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापार बिरादरी के सदस्यों, संकाय सदस्यों और कई संस्थानों के लगभग 1500 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य वक्ता जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और इकाई प्रमुख विजय कुमार बिंदलिश ने उद्योग में नवाचार, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए उद्योगों में तकनीकी प्रगति और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने कहा, ऐसी पहल छात्रों को उद्योग जगत के नेताओं से सीधे जुड़ने, उनकी समझ को समृद्ध करने और उनके कॅरिअर के दृष्टिकोण का विस्तार करने के लिए एक अमूल्य मंच प्रदान करती है। एचएसबी के निदेशक प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई ने कहा, युवा भारत का भविष्य हैं और उन्हें सही अवसर और उद्योग का अनुभव प्रदान करना राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है। प्रो. विनोद ने कहा कि यह सम्मेलन पेशेवरों के साथ बातचीत करने, नवीनतम रुझानों को समझने और प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल में उनसे क्या अपेक्षा की जाती है, यह जानने का एक अमूल्य अवसर है। इस मौके पर प्रो. कर्मपाल नरवाल, मनीष गोयल आदि मौजूद रहे।