70 - हिसार शहर का ड्रोन से लिया गया चित्र।
- फोटो : Hisar
अपना फिरोजा-ए हिसार 53 साल का हो गया है। वैसे तो यह हरियाणा गठन से पहले भी पंजाब सूबे के जिले के रूप में स्थापित था, लेकिन एक नवंबर 1966 को हरियाणा बनने के बाद से पांच दशक से अधिक समय में हिसार ने खूब नाम कमाया और तरक्की की। एक नवंबर को जिलावासी हरियाणा के साथ-साथ अपने जिले की 54वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
स्टील नगरी के नाम से विख्यात हिसार तीन ओर से हरियाणा के अन्य जिलों से घिरा है तो एक तरफ राजस्थान से सटा है। इसके उत्तर में फतेहाबाद जिला व जींद का कुछ भाग, पूर्व में जींद जिला और रोहतक की सीमा तथा दक्षिण में भिवानी जिले की सीमा लगती है। पश्चिमी में यह राजस्थान राज्य से सटा हुआ है। पांच दशक में जिले ने बेतहाशा विकास किया है। आज यहां ऊंची इमारतें, चमचमाते हाईवे, अंतरराष्ट्रीय छवि के उद्योग-धंधे इसके विकास की गाथा सुनाते हैं। यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने विश्व में नाम कमाया है और देश के साथ हिसार का नाम भी रोशन किया है।
स्थापना पर वर्ष 1966 में हरियाणा का सबसे बड़ा जिला था हिसार
एक नवंबर 1966 से पहले पंजाब का भाग होने के रूप में वर्तमान हरियाणा के पांच जिले थे। जिनमें हिसार, रोहतक, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और करनाल शामिल थे। हरियाणा गठन के समय प्रदेश में सात जिले बनाए गए और जींद व अंबाला को भी जिले के रूप में स्थापित किया गया। गठन के दौरान प्रदेश के सभी सातों जिलों में हिसार क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला था।
हिसार का हिस्सा थे वर्तमान तीन जिले
हरियाणा गठन के समय वर्तमान के तीन जिले भिवानी, सिरसा और फतेहाबाद हिसार का हिस्सा थे। यही कारण था कि क्षेत्रफल की दृष्टि से हिसार सबसे बड़ा जिला था। बाद में समय-समय पर प्रदेश के जिलों में वृद्धि होती गई, जिस कारण हिसार से भिवानी, सिरसा और फतेहाबाद अलग जिले बनाए गए।