हिसार। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की 122वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किसान दिवस पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा पहुंचे। उन्होंने कहा कि छोटा सा हरियाणा देश के अनाज भंडारण में 17 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। प्रदेश के मेहनती किसानाें ने आज कृषि के क्षेत्र में हरियाणा को अग्रणी बनाया है। इस उपलब्धि में हमारे वैज्ञानिकों की भी खास भूमिका है। इस मौके पर प्रदेश के 40 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
मुख्यातिथि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने विश्वविद्यालय व कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने वाले किसानों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रत्येक जिले के एक महिला एवं एक पुरुष प्रगतिशील किसान को भी सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने सभी का स्वागत किया। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एसके पाहुजा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने हर हाथ को रोजगार उपलब्ध करवाकर ही हम भारत वर्ष को 2047 तक स्वालाम्बी, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बना सकते है। विवि टीश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से गन्ने, केले व अन्य की रोगरहित पौध विकसित करके किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहें है, जिनमें किसी तरह का रोग नहीं लगता। अभी जिन फसलों की किस्म तैयार करने में हमें 10-12 साल लग रहे हैं। अब इस तरह से शोध होंगे इनका समय 5-6 साल रह जाएगा। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए गुरुग्राम में एग्री मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। जल संसाधनों का बेहतर प्रयोग, वाटरशेड विकास, वर्षा जल संचय तथा उन्नत तकनीकों को अपनाकर पानी का उचित प्रबंध करने की अति आवश्यकता है।
इन किसानों को मिला सम्मान
सम्मानित किए जाने वाले इन किसानों में अंबाला जिला के गांव धुराला से दिलप्रीत सिंह, अंबाला शहर के दुर्गा नगर से राजविंदर कौर, रेवाड़ी के बहरामपुर से सुनील कुमार, जखाला से रानी यादव, भिवानी के बडाला से गजानंद, हरिपुर से शर्मिला, नूंह के छपेरा से रविंद्र व पूनम, फरीदाबाद के नचौली से सुभाष नागर, भोपानी से ममता के किसान सम्मानित किए गए। फतेहाबाद के हसंगा से सूरजभान, गोरखपुर से दर्शना, झज्जर के वजीरपुर से अजय कुमार, झामरी से सीमा, जींद के अहिरकां से दले राम, निदाना से कमलेश, कैथल के बट्टा से प्रदीप कुमार, लैंडर पीरजादा से रुपिंदर कौर, करनाल के अमुपुर से अरुण कुमार, चिराव से राजवंती, कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर से नन्द लाल, दबखेड़ी से सत्या देवी, महेंद्रगढ़ के खैरा से योगेंद्र, बचीनी से मंजू, पलवल के गांव मंढनाका से सतवीर सिंह, सरोली से ईश्वर देवी, पंचकूला के टाबर से हरभजन सिंह, पंचकूला के सेक्टर-14 से गुरुमीत कौर, पानीपत के हथवाला से संदीप कुमार, सिठाना से सुजाता, रोहतक के लाखनमाजरा से जय प्रकाश, मायना से रेखा कुमारी, हिसार के चूली खुर्द से संदीप कुमार, बालसमंद से मोनिका, सिरसा के गिगोरानी से वीरेंद्र साहू, खाजाखेड़ा से गीता, सोनीपत के रोहट से जय सिंह, सोनीपत से सोनिया दहिया, यमुनानगर के दोहली से वागीश कंबोज, रतनगढ़ से प्रवेश कुमारी शामिल हैं।