हिसार। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है। प्रदेश सरकार किसानों की 24 फसलों को शत-प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदेगी। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। विवि टीश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से गन्ने, केले व अन्य की रोग रहित पौध विकसित करके किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहें हैं। ऐसी लैब हर जिले में बनाने पर काम करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि खाद नहीं डालोगे तो कैंसर से बचोगे। कैंसर तभी रुकेगा जब खाद डालना बंद करेंगे।
प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा सोमवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय(एचएयू) में किसान दिवस पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री ने कहा कि हमें मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए खेत को भी आत्मनिर्भर बनाना होगा। गेहूं, धान, कपास, सरसों की फसल लेने के बाद उसके अवशेषों को उसमें ही डालना होगा। अत्याधिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक दवाओं के प्रयोग से जमीन बंजर होती जा रही है। परंपरागत तरीके से ऑर्गेनिक, जैविक खेती करने की जरूरत है। किसानों को कृषि पर किया जाने वाला खर्च घटाना होगा। आधुनिक तकनीकों से आमदनी बढ़ानी चाहिए। किसानों को खेती के साथ पशु पालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, खुंब उत्पादन में से किसी एक को अपनाना होगा। विशिष्ट अतिथि नलवा के विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों को कम से कम पानी में तैयार होने वाली किस्म विकसित करनी चाहिए।
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि जल, जमीन व पर्यावरण भावी पीढ़ी की धरोहर हैं। प्राकृतिक संसाधनों को सही तरीके से उपयोग करने की जरूरत है। जिनका अत्याधिक दोहन करने से बचना चाहिए। कृषि में विविधिकरण को अपनाएं तथा उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाएं। हर हाथ को रोजगार उपलब्ध करवाकर ही हम भारत वर्ष को 2047 तक स्वालाम्बी, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बना सकते है। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को कृषि से संबंधित प्रशिक्षण देने के साथ-साथ संबंधित सामग्री भी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
रेवाड़ी के यशपाल को किसान रत्न सम्मान
कार्यक्रम में जिला रेवाड़ी के गांव कनावली के प्रगतिशील किसान यशपाल को किसान रत्न सम्मान प्रदान किया गया। प्रत्येक जिले के एक महिला एवं एक पुरुष प्रगतिशील किसान को भी सम्मानित किया गया। कुल 40 किसानों को सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने खरीफ एवं रबी फसलों की समग्र सिफारिशों पर आधारित पुस्तकों का भी विमोचन किया।