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जीजेयू : दो साल से नहीं लिया विदेशी विद्यार्थियों ने दाखिला, 9 करोड़ की लागत से बन रहा इंटनेशनल हॉस्टल

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जीजेयू में विदेशी विद्यार्थियों के लिए कार्य निर्माण पर हॉस्टल। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में कोरोना के कारण पिछले 2 साल से विदेशी विद्यार्थी दाखिला नहीं ले पाए हैं। इसके कारण गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय कि आय और विदेशों में लोकप्रियता पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, विवि परिसर में विदेशी विद्यार्थियों के लिए करीब 9 करोड़ की लागत से इंटनेशनल हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2019 में विश्वविद्यालय में बढ़ रही विदेशी विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए हॉस्टल बनाने का फैसला लिया था। 80 कमरों के इस हॉस्टल में 25 कमरे विदेशी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं।
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इंटरनेशनल स्टूडेंट्स विभाग की डीन डॉ. ऊबा सविता ने बताया कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में वर्ष 2020 में कोरोना काल के कारण लॉकडाउन के बाद विदेशी विद्यार्थी दाखिला नहीं ले पाए थे। इस वर्ष भी विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं है। जबकि विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए हॉस्टल का भी निर्माण किया जा रहा है। विदेशी छात्रों को पहले गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में बने फैकल्टी हाउस में ठहराया गया था, लेकिन अब वह कमरे पिछले 2 साल से खाली पड़े हैं। क्योंकि पहले दाखिला ले चुके विद्यार्थी में से भी अधिकतर यहां नहीं है।
इन देशों के विद्यार्थियों ने लिया था दाखिला
जीजेयू में कोरोना काल से पहले अफ्रीका महाद्वीप व एशिया से ईरान, युगांडा, घाना, इथोपिया जैसे देशों के विद्यार्थियों ने विभिन्न कोर्सेज में दाखिला लिया था। वर्ष 2019/20 में विश्वविद्यालय में 52 विदेशी विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। इनमें से 32 विद्यार्थियों ने एमटेक, एमबीए और पीएचडी कोर्सेज में दाखिला लिया था।
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कमरों में होगी अटैच बाथरूम और किचन की सुविधा
इंटरनेशनल हॉस्टल को आधुनिक तरीके से बनाया जा रहा हैं इसमें कमरों के साथ ही अटैच बाथरूम और कॉमन किचन बनाया जा रहा हैं।
कोरोना के कारण पिछले दो साल में दाखिले नहीं हुए। अब फैकल्टी हाउस के अधिकतर कमरे खाली है, जहां विदेशी विद्यार्थियों को ठहराया जाता था। - डॉ. ऊबा सविता, डीन, इंटरनेशनल स्टूडेंट डिपार्टमेंट, जीजेयू
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