स्कूल में अब बच्चों को पुस्तकों के अलावा व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा, वह भी रोचक तरीके से। इस दिशा में शिक्षा विभाग बच्चों को अलग-अलग स्थानों की सैर कराएगा, विभिन्न प्रतियोगिताएं कराकर उनमें बौद्धिक विकास कराएगा।
स्कूली शिक्षा की प्रधान सचिव सुरीना राजन खुद विभाग के जिला अधिकारियों और शिक्षकों को कक्षा तत्परता कार्यक्रम को सफल बनाने के टिप्स देंगी।
विभाग की तरफ से कक्षा तत्परता कार्यक्रम को लेकर प्रदेश भर में मंडल स्तरीय वर्कशॉप की जा रही हैं। हिसार मंडल की वर्कशॉप 15 अप्रैल को गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में होगी।
इस दौरान सेकेंडरी एजुकेशन के डायरेक्टर चंद्रशेखर और अतिरिक्त निदेशक सुमेधा कटारिया भी उपस्थित होंगी।
ये अधिकारी लेंगे भाग
वर्कशॉप में हिसार, भिवानी, फतेहाबाद, सिरसा और जींद जिले के डीईओ, डीईईओ, डिप्टी डीईओ, डीपीसी, बीईओ, बीईईओ, एपीसी, प्रिंसिपल और हेडमास्टर भाग लेंगे।
इसके बाद 16 से 18 मार्च तक सभी मिडिल हेड व प्राइमरी हेड टीचर को कलस्टर स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इस वर्कशॉप में विभाग के आला अधिकारी इन्हें सीआरपी को सफल बनाने के टिप्स देंगे।
कक्षा तत्परता कार्यक्रम सभी स्कूलों में 16 अप्रैल से शुरू होगा और 22 मई तक चलेगा। इसका मकसद बच्चों को पुस्तकों से अलग ज्ञान देना है और वह भी रोचक तरीके से देना है।
इस दौरान बच्चों को अलग-अलग स्थानों की सैर कराना, विभिन्न प्रतियोगिताएं कराना, योगा कराना आदि गतिविधियां कराई जाएंगी। यही नहीं इनमें बढ़िया प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विभाग ने पिछले वर्ष यह कार्यक्रम शुरू किया था। उस समय स्कूलों में पुस्तकें नहीं थीं तो यह कहा जा रहा था कि विभाग ने अपनी कमी को छुपाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया है।