फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: 12 साल बाद बन रहा गजकेसरी योग, आषाढ़ गुप्त नवरात्र आज से

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र इस बार विशेष संयोग लेकर आ रहे हैं। 12 साल बाद बन रहे गजकेसरी योग के कारण इन नवरात्र का महत्व और बढ़ गया है। 15 जुलाई से शुरू होने वाले गुप्त नवरात्र 23 जुलाई तक चलेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन नौ दिनों में मां भगवती की आराधना, साधना और मंत्र जाप के लिए विशेष समय रहेगा। श्रद्धालु नियमों का पालन करते हुए मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे।
विज्ञापन

पंडित राकेश ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई को दोपहर 3:12 बजे शुरू होगी और 15 जुलाई को सुबह 11:50 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार गुप्त नवरात्र की शुरुआत 15 जुलाई से मानी जाएगी। इस दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की विशेष पूजा शुरू होगी। गुप्त नवरात्र में साधक गुप्त रूप से साधना करते हैं इसलिए इसका धार्मिक महत्व अधिक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस बार नवरात्र के दौरान गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बन रहा है। ज्योतिष में इस योग को ज्ञान, समृद्धि और शुभ फल देने वाला माना जाता है। नौ दिन तक मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। गुप्त नवरात्र में साधक तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि और आध्यात्मिक साधना करते हैं।
विज्ञापन

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में मां दुर्गा की उपासना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती, देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और अन्य मंत्रों का पाठ करते हैं। पूजा के दौरान सात्विक भोजन, फलाहार और नियमों के पालन का विशेष महत्व बताया गया है। साधक नियमित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मां की आराधना करते हैं।
गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के साथ दस महाविद्याओं की साधना का भी विशेष महत्व होता है। तंत्र साधना करने वाले साधक इस अवधि को अत्यंत फलदायी मानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें