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Hisar: गांव स्याहड़वा की स्ट्रॉबेरी का विदेशी भी चख रहे स्वाद, 300 से ज्यादा किसान कर रहे खेती

Tue, 02 Jan 2024 10:54 AM IST
नवीन दलाल गजेश सिम्बरवाल, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार के गांव स्याहड़वा को स्ट्राॅबेरी हब माना जाता है। स्ट्रॉबेरी के उत्पादन के मामले में स्याहड़वा गांव की देश ही नहीं विदेशों में अपनी अलग पहचान है। गांव में स्ट्राॅबेरी की शुरूआत 1996 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अनिल गोदारा ने की थी। 
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स्ट्रॉबेरी का उत्पादन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिसार के गांव स्याहड़वा की स्ट्राॅबेरी का स्वाद विदेशों में चखा जा रहा है। गांव के 300 से ज्यादा परिवार स्ट्रॉबेरी की खेती कर अपना परिवार चला रहे है। आसपास के तीन गाांव चनाना, हरिता, मिरान के किसान भी स्याहड़वा से प्रेरित होकर 600 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। स्ट्रॉबेरी के उत्पादन के मामले में स्याहड़वा गांव की देश ही नहीं विदेशों में अपनी अलग पहचान है। यहां पर उगी स्ट्रॉबेरी यूरोप के विभिन्न देशों में सप्लाई की जाती है। यह गांव प्रदेश में सबसे अधिक स्ट्रॉबेरी फल के उत्पादन वाला गांव है।

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यूं हुई थी गांव में स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत
गांव में स्ट्राॅबेरी की शुरूआत 1996 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अनिल गोदारा ने की थी। डॉ. अनिल गोदारा ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के बागवानी विभाग में प्रोफेसर था। उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती करने का फैसला किया। हालांकि इसे लेकर पहले उन्होंने पूरा अध्ययन किया। उनकी स्याहड़वा गांव में जमीन है। यहां उन्होंने 1996 में स्ट्राॅबेरी की फसल उगाई। यहां पर इस फसल के उचित वातारण, मीठा पानी व रेतीली मिट्टी है। यहां उन्होंने 6-7 साल स्ट्राॅबेरी की खेती की। इस फसल को देखने के लिए अलग-अलग राज्य और शहर से लोग आने लगे। सरकार ने किसानों के रुझान को देखते हुए नई स्कीमें देनी शुरू कर दी।

एक एकड़ की फसल पर 4 लाख रुपये आता है खर्च
डॉ. अनिल गोदारा ने बताया नवंबर में स्ट्रॉबेरी का रेट सबसे ज्यादा होते हैं। एक हजार का एक डिब्बा बिकता है, जिसमें 2 किलोग्राम स्ट्रॉबेरी होती है। अगस्त व सितंबर में स्ट्रॉबेरी उगाई जाती है, जो नवंबर तक पककर तैयार हो जाती है। एक एकड़ में फसल पर 4 लाख का खर्च आता है। फसल अच्छी है तो एक एकड़ में 70 क्विटंल तक की पैदावर होती है। प्रति एकड़ किसान 4 से 5 लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
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यह कहना है किसानों का

  • मैं पिछले 10 वर्षों स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहा हूं। इस बार मैंने 5 एकड़ में इसकी खेती की है। नवंबर में इसकी हमें अच्छी कीमत मिलती है। -राजबीर
  • मैंने पहली बार स्ट्राॅबेरी की खेती की है। तैयार फसल को दिल्ली सप्लाई करते हैं। फिलहाल स्याहड़वा में 300 एकड़, चनाना में 200 एकड़, मिरान में 100 एकड़ और हरिता में 50 एकड़ स्ट्राॅबेरी की खेती की जा रही है। -सुभाष
  • मैं वर्ष 2006 से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहा हूं। इस बार मैंने 8 एकड़ में फसल उगा रखी है। इस फसल में 5-6 लाख रुपये तक का मुनाफा कमाया है। कुछ किसान खुद पौधे तैयार करते है तो कुछ बाहर से लाते हैं। -विनोद
  • मैंने 6 एकड़ में फसल उगा रखी है। 6-7 वर्षों से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहा हूं। हमारे गांव की स्ट्रॉबेरी को दिल्ली, चण्डीगढ़, जालंधर और रिलायंस को सप्लाई करते हैं। -देवेन्द्र
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