हिसार। जिले में आवारा और पालतू कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को आवारा कुत्तों ने 13 राहगीरों को काटा। किसी के हाथ पर तो किसी के पांव पर हमला किया। घायल हालत में परिजन घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर आए। घायलों को रेबीज का टीका लगाया गया। इसके बाद प्राथमिक उपचार दिया गया। नागरिक अस्पताल में रोजाना 8 से 10 केस कुत्तों के काटने के सामने आ रहे हैं।
8 साल की परी को कुत्ते ने काटा
शहर की गवर्नमेंट कॉलोनी में रहने वाली 8 साल की परी के परिजनों ने बताया कि सुबह परी गली में खेल रही थी। इसी दौरान कुत्ते ने परी का एक पांव अपने जबड़े में जकड़ लिया। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर आए और डंडे की मदद से कुत्ते को भगाया। इसके बाद लहूलुहान हालत में बेटी को नागरिक अस्पताल लेकर आए।
पीछे से कुत्ते ने किया हमला
नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने आए मुकलान गांव के रहने वाले सतबीर ने बताया कि सुबह गली से गुजर रहा था। इसी दौरान पीछे से कुत्ता आया और उसने पांव को दांतों से पकड़ लिया। काफी देर कुत्ते ने पांव को नहीं छोड़ा। गली से गुजर रहे लोगों ने कुत्ते से उसे बचाया और रेबीज का टीका लगवाने के लिए अस्पताल आया। इनके अलावा कुत्तों ने सातरोड गांव के विनोद, ललन, खरकड़ी का रहने वाला अनंत,12 क्वार्टर के मोनू, घोड़ा फार्म रोड की रेनू, अर्बन एस्टेट के जिगर, बड़वाली ढाणी के पूर्ण, गंगवा गांव के अतुल, सेक्टर-14 की सरोज और विनोद को काटा।
जानवर के काटने पर पांच टीके अंतराल पर लगाए जाते हैं
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि कुत्ता, बिल्ली, चूहे व बंदर के काटने पर रेबीज का टीका लगाया जाता है। पांच टीके अंतराल पर लगाए जाते हैं। पहला टीका काटने पर उसी समय लगाया जाता है, दूसरा टीका तीन दिन के बाद, तीसरा टीका सातवें दिन, चौथा टीका 14वें दिन व पांचवां टीका 28वें दिन लगवाना होता है। चिकित्सक ने बताया कि कुत्ता काटने पर सबसे पहले साबुन से काटे हुए स्थान को धोना चाहिए। उनका कहना है कि करीब 20 मिनट तक ऐसे करना चाहिए।