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Hisar News: 1 साल 4 माह से आरपीएफ को स्निफर डॉग का इंतजार

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हिसार। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान दिन के अलावा रात को भी गश्त करते हैं। आरपीएफ कार्यालय में कैमरों से स्टेशन पर निगरानी रखी जाती है। स्टेशन पर चोरी की घटना या कोई वारदात होती है तो इसकी गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभाती हैं। ट्रेनों में विस्फोटक, बारूदसे लेकर बम की लोकेशन जाने में स्निफर डॉग की भूमिका अहम होती है, लेकिन 1 साल 4 माह से आरपीएफ को स्निफर डॉग का इंतजार है। इसको लेकर कई बार मुख्यालय पत्र भी लिखा जा चुका है।
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बता दें कि स्निफर डॉग स्पाईकी अक्तूबर 2022 में सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बाद स्निफर डॉग मंगवाने के लिए रेलवे बोर्ड को भी पत्र लिखा गया था। रेलवे के आलाधिकारियों के सामने भी मामला संज्ञान में लाया गया। फिलहाल रेलवे के पास एक ट्रैकर डॉग है। जिसका नाम राजा है। इसे खोजी कुत्ता भी कहा जाता है। चोरी की वारदात सुलझाने में खोजी कुत्ता अहम भूमिका निभाता है।
व्यक्ति को आसानी से पकड़ लेगा ट्रैकर डॉग
यदि ट्रैकर डॉग को पैरों के निशान दिखा दिए जाएं तो वह उसे सुंघकर बता देगा कि यह निशान किस व्यक्ति के हैं। यह उसे आसानी से पकड़ लेगा। स्निफर डॉग नहीं होने के कारण चेकिंग प्रभावित हो रही है। इन कुत्तों की नौकरी 10 साल तक होती हैं। इसके बाद इन्हें सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। कारण है कि 10 साल के बाद इन डॉग की कार्य क्षमता कम हो जाती है।
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रेलवे के बीकानेर मंडल के अधिकारियों को पत्र भेजा हुआ है। मगर अभी तक स्निफर डॉग नहीं मिल पाया है। 1 साल 4 माह से स्निफर डॉग का इंतजार ही चल रहा है। - मोतीलाल, हेड कांस्टेबल, आरपीएफ
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