हिसार। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के साथ पहुंचे किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर का पक्का मोर्चा लगाया दिया। किसानों ने कहा कि 2020 का करीब 62 करोड़ का मुआवजा तहसीलदारों के खातों में जमा हैै, जिसे किसानों के खाते में नहीं डाला जा रहा। बालसमंद में 33, आदमपुर में 29 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित नहीं किया जा रहा। रिलायंस बीमा कंपनी ने 27842 किसानों के बीमा क्लेम रिवर्ट कर दिए। इसके विरोध में किसानाें ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। देर रात किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर ही खाना बनाया। देर रात ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के नीचे ही किसानों ने विश्राम किया। जिला प्रशासन ने किसानों को बातचीत कर मनाने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रधान मनदीप नथवान के नेतृत्व में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के साथ लघु सचिवालय पहुंचे। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों के कारण राजगढ़ रोड पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। किसानों के लघु सचिवालय गेट पर डेरा डाल दिए जाने के बाद लघु सचिवालय का गेट बंद हो गया। कुछ ट्रैक्टर-ट्राॅली अदालत के मेन गेट के बाहर तक खड़े हो गए। वकीलों के अनुरोध पर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को हटाया गया। जिला प्रशासन की ओर से मौके पर भारी पुलिस बल, महिला पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, व्रज वाहन की गाड़ी मौके पर तैनात की गई। डीएसपी कप्तान सिंह ने पुलिस बल का नेतृत्व करते हुए मोर्चा संभाला। किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा। देर रात तक पुलिस की संख्या काफी कम कर दी गई।
सरकार का तानाशाही रवैया
मनदीप नथवान ने कहा कि सरकार किसानों के साथ लगातार तानाशाही रवैया अपनाए रही है। 2020 का 62 करोड़ रुपये का मुआवजा तहसीलदारों के खातों में जमा है। जिसे किसानों के खातों में नहीं डाला जा रहा है। सीएससी सेंटर के जरिये बीमा कराने वाले हिसार जिले के 27842 किसानों के बीमा क्लेम रिवर्ट कर दिए। सरकार अपनी आवाज उठाने वाले लोगों पर लगातार बर्बरता पूर्ण कार्रवाई कर रही है। जब तक अपनी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक सचिवालय के गेट के सामने पक्का मोर्चा लगाकर डटे रहेंगे। मांगे पूरी हो जाने पर ही घर वापसी नहीं करेंगे। इस मौके पर जिला प्रधान सतीश बेनीवाल, चरण पाल लूदास, समुंद्र मलिक, अनिल गौरछी, आत्माराम पातन, गोपाल ओड, केडी अग्रोहा, कुलदीप हिंदुस्तानी, राजीव मलिक, जिला पार्षद प्रतिनिधि संदीप धीरणवास, दिलबाग हुड्डा, सोमबीर पिलानिया मौजूद रहे।
वर्ष 2022 के 5.28 करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले : डीसी
हिसार। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि फसल बीमा योजना में खरीफ-2022 सीजन के तहत अभी तक धान के लिए 5 करोड़ 28 लाख 6 हजार 312 रुपये और बाजरा के लिए 20 लाख 80 हजार 853 रुपये की मुआवजा राशि के क्लेम पास हुए हैं। यह राशि किसानों के खातों में भी ड़ाली जा चुकी है। शेष किसानों के क्लेम पास होते ही मुआवजा राशि उनके खातों में डाल दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रीमियम का हिस्सा बीमा कंपनी को दिया जा चुका है। इस संबंध में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने पिछले सप्ताह बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली थी, जिसमें शेष किसानों के खातों में जल्द से जल्द मुआवजा राशि ड़ालने के आदेश जारी किए गए। बीमा कंपनी द्वारा किसानों के फॉर्म रिवर्ट करने के मामले के संदर्भ में कृषि उप-निदेशक विनोद कुमार फोगाट ने बताया कि खरीफ-2022 के तहत 27 हजार 842 बिना बीमित किसानों (नॉन-लॉनी फार्मर) के फॉर्म जिन्हें बीमा कपंनी द्वारा रिवर्ट कर दिया गया था, उन फॉर्म को दोबारा से मान्य करवाने के लिए कृषि निदेशालय को भेजे जा चुके हैं। कृषि निदेशालय बीमा कंपनी एवं भारत सरकार से संपर्क स्थापित करते हुए इन किसानों को भी मुआवजा राशि दिलवाने के लिए प्रयासरत है।