डीएपी खाद के साथ किसानों को नैनो यूरिया, सल्फर, जिंक, सागरिका, खल और चूरी के कट्टे जबरदस्ती दिए जा रहे हैं। वीरवार को पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान लघु सचिवालय पहुंचे, जहां प्रवेश करने को लेकर किसानों के साथ पुलिस की तीखी बहस हुई। बाद में किसान कृषि उप निदेशक कार्यालय पर पहुंचे तो वहां अधिकारी नहीं मिले। जिस पर किसान उनके कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि अधिकारियों से बातचीत के बाद किसान लौट गए।
समिति के जिला प्रधान सतीश बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने पहुंचा। डीसी के कार्यालय में उपलब्ध न होने पर किसान जिला कृषि उपनिदेशक राजबीर सिंह से मिलने पहुंचे। अधिकारी के न मिलने पर किसान उनके ऑफिस के आगे ही फर्श पर धरना देकर बैठ गए। किसान नेता सतीश बेनीवाल ने बताया कि किसानों को खाद के लिए रातभर जागना पड़ रहा है। प्राइवेट डीलर डीएपी व यूरिया के कट्टों के साथ जबरदस्ती नैनो यूरिया, सल्फर, जिंक, सागरिका, खल के कट्टे, चूरी के कट्टे किसानों पर थोंप रहे हैं। इन उत्पादों की खरीद न करने पर खाद नहीं दी जा रही है। किसानों की ओर से शिकायत देने के बाद भी खाद एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। जल्द से जल्द इसका समाधान नहीं किया तो जिले भर के किसान लघु सचिवालय के बाहर आंदोलन करेंगे। उपमंडल कृषि अधिकारी ने चौधरीवास में दो खाद बीज भंडार पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दिखाई। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायत सही मिलेगी, उस पर कार्रवाई होगी।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल आजाद नगर थाना पहुंचा। एसएचओ संदीप को बताया कि चौधरीवास के एक डीलर ने किसान नेता अनिल गोरछी को जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मौके पर गोपाल नंगथला, भूराराम सिवानी बोलान, रामकुमार कुलेरी, सज्जन सिंह किरतान, संजय शर्मा किरतान, जगदीश जगाण, प्रताप गोदारा कालीरामन, रामकुमार फ्रांसी, कुलदीप रावलवास खुर्द, राजपाल भेरिया, अवतार सिंह ढंढूर, सरदार जसविंदर सिंह, चरणपाल लूदास, आत्माराम पातन, बजे सिंह ढाया, मोनू सुलखनी, केडी अग्रोहा आदि मौजूद रहे।