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किसानों ने नारनौंद थाने में गाड़ा तंबू, आज 11 बजे पंचायत में लेंगे फैसला

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नारनौंद में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का विरोध करने पहुंचे किसानों को रोकते पुलिस कर्मी - फोटो : Hisar
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हिसार/नारनौंद। क्षेत्र में धर्मशाला का शिलान्यास करने शुक्र्रवार को पहुंचे भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का किसानों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में एक किसान के गंभीर रूप से घायल होने पर किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने पहले रामायण टोल पर हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद किसान नारनौंद थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। किसानों ने हमला करने वाले सांसद के गनमैन, पीए व उनके साथ आए लोगों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में तंबू गाड़ दिया है। रात को किसान थाने में धरने पर रहे। शनिवार सुबह 11 बजे प्रदेश भर के किसान प्रतिनिधि नारनौंद पहुंचेंगे। किसानों की महापंचायत में आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा धर्मशाला के शिलान्यास के लिए पहुंचे तो किसानों ने काले झंडे लेकर विरोध जताया। आयोजन स्थल वाली गली के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली को खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया। पुलिस दूसरे रास्ते से सांसद को कार्यक्रम स्थल तक लेकर पहुंची। इस दौरान कुछ किसान बेरिकेडिंग तोड़ते हुए से आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। पुलिस-किसानों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान सांसद की गाड़ी का अगला शीशा टूट गया। राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा जल्दी से कार्यक्रम खत्म कर वहां से निकलने लगे तो भी किसानों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। धक्का-मुक्की के बीच एक किसान कुलदीप बेसुध होकर गिर गया। जिसे हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। किसान नेत्री सुमन हुड्डा उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचीं।
किसानों को रिहा करने पर खोला जाम
किसानों को हिरासत में लिए जाने तथा एक किसान के गंभीर होने की जानकारी मिलने के बाद गुस्साए किसानों ने नारनौंद-जींद मार्ग को जाम कर दिया। किसानों ने थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। नारनौंद में किसानों पर हमले की सूचना के बाद रामायण टोल प्लाजा पर भी किसानों ने जाम लगा दिया। दोनों किसानों को रिहा किए जाने के बाद शाम करीब 5 बजे किसानों ने जाम खोल दिया।
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मंदिरों-धर्मशालाओं के जरिये सामाजिक ताना बाना तोड़ने का प्रयास
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 700 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं। 14 महीने से किसान सड़कों पर है। देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं है। कानून बनाकर जनता को चंबल घाटी के डाकू नहीं राजनेता लूट रहे हैं। जिस कारण नेताओं का विरोध हो रहा है। बीजेपी के नेता समाज के नेता बनकर सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने के लिए घूम रहे हैं। मंदिर या धर्मशालाओं के कार्यक्रमों में भाग लेना पार्टियों के नेताओं का काम नहीं है। धर्मशाला, मंदिरों को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
किसानों को पुलिस ने उकसाया
संयुक्त मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ व रवि आजाद ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्ण विरोध किया था। पुलिस ने किसानों पर उकसाया। किसान कुलदीप पर सांसद रामचंद्र जांगड़ा के साथ आए लोगों ने हमला किया है। किसानों का धरना जारी रहेगा। जब तक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होता व किसानों पर दर्ज केस खारिज नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। शनिवार को 11 बजे नारनौंद थाना परिसर में किसानों की पंचायत होगी। सरकार घायल किसान का उपचार कराए।
सांसद ने हमें दारूबाज, लफंगा, बैड एलीमेंट कहा
किसान नेता फूल कुमार पेटवाड़ ने कहा कि प्रदशर्नकारी किसानों ने कहा कि राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बीते दिनों भी सोनीपत में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को लफंगा, दारूबाज, बैड एलीमेंट कहा था, जिसको लेकर किसानों में ज्यादा गुस्सा था। किसानों ने कहा कि सांसद का सम्मानित पद होता है। पद की गरिमा को ध्यान में नहीं रखते हुए उन्हें उचित आचरण करना चाहिए।
हिंसा का तांडव सभ्य समाज के लिए सही नहीं : जांगड़ा
लोकतंत्र में विरोध करना सबका अधिकार है। हिंसा का तांडव करना सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। इससे समाज में दरार पैदा होती है। विरोध लोकतांत्रिक तरीके से प्रकट करना चाहिए। गाड़ियों के ऊपर लठ मारना सही नहीं। यह कहना है भाजपा राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का।
वह शुक्रवार को कस्बे में विश्वकर्मा जयंती पर जांगड़ा समाज की धर्मशाला की नींव रखने पहुंचे थे। उन्होंने धर्मशाला के लिए 11 लाख रुपये का अनुदान दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनकी गाड़ी पर लठ से हमला किया है उनको किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन अपना काम करेगा। इस अवसर पर ब्लॉक प्रधान रामकुमार जांगड़ा, राजपाल जांगड़ा, रमेश जांगड़ा मौजूद रहे। प्रधान रामकुमार जांगड़ा ने बताया कि धर्मशाला का शुभारंभ करने के लिए सांसद को बुलाया था। किसानों के साथ बातचीत भी हो गई थी कि वह शांति से प्रदर्शन करेंगे लेकिन उनकी गाड़ी के शीशे तोड़कर उन पर हमला करने की कोशिश की है।

नारनौंद में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का विरोध करने पहुंचे किसानों को रोकने लिए बेरिकेड प- फोटो : Hisar

नारनौंद थाने में देर रात टेंट लगाकर धरने पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : kisan

नारनौंद में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को काले झंडे दिखाते किसान बीच में पुलिस बल- फोटो : Hisar

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