सेक्टर-14 में स्थित भाजपा कार्यालय में 30 मार्च को बैठक के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने व रोड जाम करने के आरोप में 14 नामजद सहित करीब 100 अन्य किसानों व 15 नामालुम महिलाओं के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में किसान मजूदर संयुक्त मोर्चा के सदस्य शुक्रवार को उपायुक्त से भी मिलेंगे।
मामले के अनुसार शहर थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 30 मार्च को सिरसा रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भाजपा की बैठक चल रही थी। उस दौरान किसानों ने भाजपा कार्यालय के बाहर सरकार का पुतला फूंका और रोड जाम किया था। उस दौरान डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल व पौधों को भी तोड़ने का आरोप है। आरोप है कि उस दौरान किसानों की ओर से दो घंटे तक रोड जाम रखा गया। मामले में पुलिस ने दिलबाग हुड्डा, विकास सिसर, कुलदीप सहरावत, शमशेर नंबरदार, सतबीर पूनिया, अन्नू सुरा, मनीषा बिश्नोई, रणधीर बामल, मांगेराम भाकर, राजीव मलिक, राम अवतार, सुखबीर, सूबे सिंह बुरा और संदीप के अलावा 100 अन्य किसानों तथा 15 नामालुम महिलाओं के खिलाफ धारा 147, 149, 341, 283 आईपीसी व तीन पीडीपीपी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इस संबंध में किसानों में खासा रोष है और उन्होंने वीरवार को जाट धर्मशाला में बैठक कर इस पर विचार किया तथा प्रशासन से किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को खारिज करने की मांग की। इसके अलावा किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी से मिलेगा।
पुलिस ने बढ़ा-चढ़ाकर एफआईआर दर्ज की है, जबकि किसानों ने शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में उपायुक्त से शुक्रवार दोपहर को मिलने का समय लिया गया है। किसान-मजदूर संयुक्त मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलकर स्थिति से अवगत करवाएगा। उसके बाद मोर्चा जो सर्वसम्मति से निर्णय लेगा, उस के अनुसार आगामी फैसला लिया जाएगा।
-सतबीर पूनिया, किसान नेता, हिसार।