भाजपा नेता और प्रशासन के आला अधिकारी नलवा में भ्रष्टाचार मुक्त स्वच्छ प्रशासन का नारा लगाते हुए स्वर्ण जयंती विकास यात्रा का स्वागत करने में जुटे थे। उसी समय भ्रष्टाचार से पीड़ित होकर अपनी मूंग की फसल लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे किसान की सुनने वाला कोई नहीं था। किसान ने आरोप लगाया कि उसकी मूंग को बिना सैंपल भरे ही रिजेक्ट कर दिया। 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत देने वालों की मूंग ही सरकारी एजेंसी खरीद कर रही है।
गांव कुतरियांवाली निवासी मनोज ने इस साल 15 एकड़ एरिया में मूंग की फसल लगाई थी। मूंग की फसल अच्छी हुई। यह किसान करीब साढे़ सात एकड़ की मूंग एक ट्रॉली में भरकर वीरवार सुबह बेचने मंडी पहुंचा। दोपहर बाद तक उसकी ट्रॉली पर किसी ने रेट नहीं लगाया।
सरकारी एजेंसी हैफेड की ओर से मूंग खरीद को लेकर कोई सैंपल नहीं भरे गए। किसान ने बताया कि उसने मंडी के अधिकारियों से लेकर हैफेड के अधिकारियों तक गुहार लगाई। करीब ढाई बजे किसान का सब्र जवाब दे गया तो वह अपनी ट्रॉली लेकर लघु सचिवालय डीसी ऑफिस पहुंच गए।
डीसी निखिल गजराज अपने ऑफिस में नहीं थे। डीसी सहित अन्य आला अधिकारी नलवा में स्वर्ण जयंती यात्रा का स्वागत करने गए हुए थे। किसान मनोज ने बताया कि उसकी मूंग के सैंपल नहीं भरे जा रहे। अगर उसकी मूंग रिजेक्ट है तो उसे बताया जाए।
किसान ने आरोप लगाया कि कुछ लोग रिश्वत लेकर मूंग की खरीद करा रहे हैं। 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से घूस देने वालों की मूंग सरकारी दाम 5225 रुपये प्रति क्विंटल बिक जाती है। जो घूस नहीं देते, उन्हें खुले बाजार में अपनी मूंग 3500 से 3800 रुपये के दाम में बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मीडिया के हस्तक्षेप के बाद सचिव ने दिया भरोसा
मीडियाकर्मियों ने किसान मनोज को मंडी मार्केट के सचिव का नंबर उपलब्ध कराया। मीडिया के हस्तक्षेप की जानकारी मिलने के बाद मंडी सचिव ने किसान को भरोसा दिलाया कि शुक्रवार सुबह भाईचारे में उसकी मूंग बिकवा देंगे। किसान ने कहा कि अगर कल उसकी मूंग नहीं बिकी तो वह अन्य ग्रामीणों के साथ डीसी कार्यालय जाएंगे।
हैफेड की ओर से सरकारी खरीद की जा रही है। अब तक करीब 600 क्विंटल मूंग आई है, जिसमें 300 क्विंटल हैफेड ने खरीदी है। घूस के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शुुक्रवार सुबह ही सैंपल भरवाएंगे।
- सुभाष सिहाग, डीएफएससी हिसार