हिसार। केंद्र सरकार पारित किए तीन अध्यादेशों के खिलाफ किसान संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। संगठनों द्वारा जिले में जगह-जगह धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अब आढ़ती भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं। विभिन्न विपक्षी पार्टियां इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रही हैं। इसी के तहत रविवार को किसान सभा सभी तहसीलों और भारतीय किसान संघर्ष समिति जिले में तीन जगहों पर रोड जाम करेगी।
किसान सभा आज करेगी रोड जाम
विशेष गिरदावरी करके नुकसान का सही आंकलन करने और तीनों अध्यादेशों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान सभा रविवार को सभी तहसीलों में रोड जाम करेगी। सभा के जिला सचिव धर्मबीर कंवारी ने बताया कि वह दोपहर 12 से 3 बजे तक सांकेतिक रूप से रोड जाम करेंगे। इस दौरान उनका प्रयास रहेगा कि इस जाम के कारण आम जनता को ज्यादा परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को सभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें 25 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर चर्चा की जाएगी। बता दें कि सभा लघु सचिवालय पर भी धरना दे रही है।
अनाज मंडी का गेट बंद कर किया प्रदर्शन
भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले नई अनाज मंडी में किसानों का क्रमिक अनशन शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने मंडी का गेट बंद कर प्रदर्शन भी किया। समिति के जिला प्रधान बबलू खरड़ ने बताया कि रविवार को समिति मय्यड़ टोल, सरसौद व बास में रोड जाम करेगी। इस दौरान धरने पर समर्थन देने के लिए हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन अध्यादेश के विरोध में अनिश्चित काल मंडी बंद रहेगी जब तक सरकार नया अध्यादेश लाकर किसान की फसल मंडी के आढ़तियां के माध्यम से एमएसपी रेटों पर खरीद की गारंटी नहीं देती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर पवन शर्मा, रामकिशन, सुनील भानखड़, धर्म सिंह नियाणा, सतबीर पूनिया, गोलू वाल्मीकि, रघुवीर कुंडू, बलवान खरड़, बलवान खरड़, राजबीर कनोह, अनाज मंडी जिला प्रधान पवन गर्ग, राजीव बंसल, मंडी अनिल जैन, जगदीश गोदारा, त्रिलोक कंसल, संजय गोयल, बंटी गोयल, आदि मौजूद रहे।
व्यापारी बोले - सरकार ने अध्यादेश वापस नहीं लिया तो आज से करेंगे आंदोलन
बरवाला। उद्योग व्यापार मंडल व अनाज मंडी एशोसिएशन ने संयुक्त रूप से सरकार के अध्यादेशों का विरोध करते हुए शनिवार को सरकार के खिलाफ हड़ताल जारी रखी। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव सौरभ मितल ने कहा कि सरकार ने जो अध्यादेश जारी किए हैं, यदि सरकार उन तीनों अध्यादेशों को वापस नहीं लेती तो वे 20 सितंबर को रोड जाम करने जैसे कदम उठाने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि बिल्लू राजली, रमेश खरकड़ा, सुभाष बधावड़, अमित गोयल, प्रवीन बंसल, रोशन घनघस, राजा पूनिया, श्याम गोयल, रामधारी, विजेंद्र खेड़ी, सुरेश मुनीम आदि मौजूद रहे।
भाजपा सरकार तुगलकी फरमान तुरंत वापस ले : घोड़ेला
बरवाला। पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने किसानों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इन अध्यादेशों से न तो किसान वर्ग खुश है और न ही व्यापारी व मजदूर वर्ग। इससे साफ जाहिर है कि भाजपा सरकार केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए जबरदस्ती देश पर इस तरह के तुगलकी फरमान थोप रही है। घोड़ेला ने कहा कि यदि सरकार को वास्तव में ही किसानों का भला करना है तो स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफारिशों को प्रमुखता के साथ लागू करे और एमएसपी पर किसानों की फसलों की खरीद सुनिश्चित करे।
बंद को सफल करने के लिए किया दौरा
नारनौंद। तीन अध्यादेशों के खिलाफ 20 सितंबर को किए गए बंद को लेकर शनिवार को दूसरे दिन भी किसान नेताओं ने गांवो का दौरा किया, जिसकी अध्यक्षता मुकेश लोहान ने की। अखिल भारतीय किसान यूनियन की प्रचार समिति के सदस्य मुकेश लोहान, जिला पार्षद रमेश श्योराण, शीलू लोहान, विनोद कुमार, सतीश पुट्ठी आदि ने कहा कि तीनों अध्यादेशों के खिलाफ किसानों को लेकर भारी रोष है। समिति ने इस दौरान गांव बुडाना, राखी शाहपुर, राखी खास, गामड़ा, मिल्कपुर, खेड़ी रोज, मिर्चपुर, कोथकलां आदि गांवो का दौरा किया। उधर बास अनाज मंडी के आढ़तियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। आढ़तियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीनों अध्यादेशों को तुरंत प्रभाव से वापिस लेने की मांग की। आढ़तियों के अनुसार रविवार सुबह अनाज मंडी में धरना शुरू किया जाएगा और उसके बाद 12 बजे से तीन बजे तक जींद भिवानी रोड जाम किया जाएगा।
एसयूसीआई कम्यूनिस्ट ने किया किसान आंदोलन का समर्थन
एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के महासचिव प्रभास घोष ने तीनों अध्यादेशों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देशी और विदेशी कॉरपोरेट लुटेरों के हाथों को मजबूत करने के इरादे से सभी दालों, अनाज, तिलहन, खाद्य-तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं के दायरे से बाहर करना किसानों पर एक भीषण हमले के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति इन तीन जनविरोधी, किसान व खेत मजदूर विरोधी बिलों के खिलाफ 25 सितंबर के इस बंद का पूर्ण समर्थन करती है।
आम आदमी पार्टी ने किसानों को दिया समर्थन
आम आदमी पार्टी ने भी किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। आप नेता मनोज राठी, राजीव सरदाना, रामबिलास जांगड़ा, संजय बंसल ने कहा कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता किसानों व्यापारियों के साथ खड़ा है और सरकार से मांग करता है कि इस काले कानून को तुरंत वापस लिया जाए।
किसानों के नाम पर मगरमच्छी आंसू बहा रही है कांग्रेस : काजल
जननायक जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राजमल काजल ने कृषि अध्यादेशों पर कांग्रेस के बवाल से किसानों को सावधान करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस किसानों की हितैषी ही होती तो आज किसानों के नाम पर मगरमच्छी आंसू बहाने की बजाय उन्हें अपने 55 वर्ष के राज में बिचौलियों से बचाकर सशक्त क्यों नहीं बनाया। अनाज मंडियों में किसानों का शोषण का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता आज मंडियों के समर्थन में आकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
किसान नेता चढूनी पहुंचे लुदास
किसान नेता गुरनघाम सिंह चढूनी अपनी टीम के साथ शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अ) के प्रदेश महासचिव दिलबाग सिंह हुड्डा के लुदास स्थित आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याओं व सरकार द्वारा तीनों अध्यादेशों को वापस लेने पर चर्चा की। इस अवसर पर किसान नेता सत्यवीर सिंह पूनिया, मास्टर सतबीर गढ़वाल, कृष्ण किरमारा, शमशेर ढुल, विनोद लुदास आदि मौजूद रहे।
किसानों को अध्यादेश के नाम पर बरगला रही हैैं यूनियन : दलाल
सिवानी मंडी। प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि विपक्ष और यूनियनें किसानों के हित में लाए गए तीन अध्यादेशों को लेकर किसानों को बहकाने व बरगलाने का काम कर रहे हैं। प्रदेश का जागरूक किसान विपक्ष के बहकावे में आने वाला नहीं है। वह शनिवार को स्थानीय सिंचाई विभाग के कार्यालय का शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच का काम करेंगे।