नारनौंद । गांव सिंघवा खास में कुआं पूजन समारोह के दौरान गोली लगने से दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमरजीत की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने परिजनों की मांग पर आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की बजाय हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली।
जींद के सफीदों के गांव रोजला में पहुंचकर पुलिस ने रिंकू के बयान दर्ज किए। उसने बताया कि समारोह में सभी लोग नाच रहे थे। इसी दौरान सुरेंद्र उसके पति अमरजीत को साइड में ले गया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसने वहां जाकर देखा तो अमरजीत के पांव में गोली लगी थी। रिंकू के अनुसार सुरेंद्र के साथी अकेले ही उसके उसके पति को इलाज के लिए भिवानी के नागरिक अस्पताल लेकर गए। उसे और उसके परिवार के किसी सदस्य को साथ नहीं ले गए।
जांच अधिकारी जय सिंह ने बताया कि सुरेंद्र और मनोज के पास मौजूद हथियार लाइसेंसी थे या नहीं इसकी जांच कर रहे हैं। प्राथमिकी में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। अग्रोहा के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के बोर्ड से रविवार सुबह अमरजीत के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पत्नी रिंकू और अन्य परिजन हिसार के आईजी कुलदीप सिंह से भी मिले और दोनों मुख्य आरोपियों एसआई सुरेंद्र और मनोज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।