हिसार। उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण, सिंचाई विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग सहित अन्य विभागों की 544 विभिन्न योजनाओं व सेवाओं का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया है।
उन्होंने कहा कि उर्वरक थोक विक्रेता और खुदरा व्यापारी, कीटनाशक लाइसेंस, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी, फसल प्रदर्शन, फसल विविधीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, सूक्ष्म सिंचाई-जल प्रबंधन, बीज वितरण, पशुपालन और डेयरी विभाग में रोजगार अवसर के लिए आवेदन, सूअर पालन इकाइयों की स्थापना, डेयरी इकाइयों की स्थापना, मुख्यमंत्री भेड़-बकरी पालक उत्थान योजना और सरल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दी गई किसी भी अन्य सेवाओं के लिए आवेदकों को परिवार पहचान पत्र की आईडी जमा करवानी होगी।
डीसी ने कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पर सत्यापित डाटा सरकारी सेवाओं का लाभ देने का आधार बनेगा। अभी तक 114 सरल सेवाओं को पीपीपी से जोड़ा जा चुका है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को भी पीपीपी से जोड़ दिया गया है। योजना के पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद वास्तविक लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुरूप बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और उन्हें बेवजह कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि वे जल्द से जल्द अपने परिवार पहचान पत्र आईडी को अपडेट करवा लें।