भिवानी। शहर के राजकीय जालान नेत्र अस्पताल में इन दिनों आंखों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उमस भरी गर्मी और धूल के कारण आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की शिकायतें आम हो गई हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 350 से 400 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से अधिकतर को आंखों से जुड़ी समस्याएं हैं।
अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश ने बताया कि आंखें शरीर का अत्यंत संवेदनशील अंग हैं और इनकी देखभाल में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मरीजों को तुरंत अपने नजदीकी नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में कोई भी दवा या ड्रॉप्स डालना नुकसानदेह हो सकता है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन का अधिक उपयोग, धूल-मिट्टी में घूमना और आंखों को गंदे हाथों से छूना संक्रमण का कारण बन रहा है। इसके अलावा वातावरण में मौजूद प्रदूषण से भी आंखों में एलर्जी और जलन की संभावना बढ़ जाती है।
डॉ. सतीश ने सुझाव दिया कि आंखों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और दिन में तीन से चार बार आंखों को ठंडे पानी से धोना लाभकारी होता है। आंखों में सूजन या जलन होने पर बर्फ से हल्का सेक किया जा सकता है, लेकिन घरेलू नुस्खों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंखों की थोड़ी भी समस्या को नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते जांच करवा लें, ताकि गंभीर समस्या न बने।