हिसार। बड़े बदलाव के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जिसकी शुरुआत अपने घर से करनी होगी। शहर की स्वच्छता को देश में नंबर वन तक पहुंचाने के लिए घर के कचरे को अलग-अलग करना होगा। कचरे को खुले में न फेंकने का संकल्प करना होगा। प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा। गाय के लिए सड़कों पर चारा डालने के बजाय गोशाला को दान दें। इन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम अपने शहर को स्वच्छता में बेहतर रैंकिंग दिला सकते हैं। यह कहना है स्वर्णकार समाज के गणमान्य लोगों का। उन्होंने मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने सुझाव दिए।
शहर की पुरानी सीवरेज लाइन को जरूरत के अनुसार बदलना होगा। तभी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। पहले की तरह से सुबह-शाम दोनों समय बाजारों में सफाई की व्यवस्था देनी होगी। लावारिस पशुओं की समस्या के प्रति ठोस कदम उठाने होंगे। पार्किंग की समस्या के लिए काम करने की जरूरत है। - छत्रपाल सोनी
पर्यावरण के प्रति हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हर व्यक्ति कम से कम एक एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनाने का संकल्प ले। कहीं पर भी कचरा, सूखे पत्ते न जलाएं। प्लाट के साइज के अनुसार पौधे लगाने की अनिवार्यता होनी चाहिए। - भूप सिंह सोनी
पर्यावरण में हो रहा बदलाव आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी है। सड़कों को फोरलेन तो कर रहे हैं लेकिन पौधे नहीं लगा रहे। शहर में लगातार पेड़ कटने से गर्मी लगातार बढ़ रही है। इसके पास घर में जगह न हो ऐसे लोग पार्क में पौधे लगाकर उनका संरक्षण करें। - राहुल सोनी
हम अपने आसपास खुद ही गर्मी बढ़ा रहे हैं। घर में शीशा, मार्बल, टाइल, लोहे का एरिया अधिक रखते हैं। मिट्टी वाला एरिया, पौधे, हरियाली का हिस्सा घरों से गायब होता जा रहा है। ऐसे मकानों में तापमान खुद ही अधिक होगा। पॉलिथीन का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद होना चाहिए। कचरे का वर्गीकरण हर परिवार आज से ही शुरू करें। - वेदप्रकाश सोनी
अच्छी आदतों को हम बचपन में सीखते हैं। स्कूली स्तर पर ही पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। बच्चों को पर्यावरण शिक्षा व प्रैक्टिकल नॉलेज देना बेहद जरूरी है। बारिश के सीजन से पहले सफाई कराना बेहद जरूरी है। सड़कों की सफाई रोजाना होनी चाहिए। - आशीष लावट
सबसे बड़ी समस्या लावारिस पशु हैं। दरअसल एक भी पशु लावारिस नहीं है। कुछ परिवार गोवंश दूध निकालने के बाद गोवंश को सड़क पर छोड़ देते हैं। गोवंश को सड़कों पर पशु चारा डालने वाले लोग गोवंश नहीं ऐसे परिवारों को पाल रहे हैं। गाय के लिए दान देना हो तो गोशाला में दे आएं। - राधेश्याम सोनी
व्यवस्था में बदलाव के लिए जनता को सहयोग करना होगा। सड़क पर कचरा न डालें, गोवंश को सड़क पर चारा डालें। घर के कचरे को अलग-अलग करें। प्लास्टिक का उपयोग जहां तक संभव हो न करें। ऐसा कर हम काफी हद तक पर्यावरण संरक्षण कर सकते हैं। पौधरोपण में हर व्यक्ति अपन सहयोग करे। - विनोद तोशावड़
समस्याओं को शुरुआत में ही खत्म करेंगे तो आगे दिक्कत नहीं आएंगी। ओवर ब्रिज के नीचे की जमीन का उचित उपयोग करना चाहिए। इन्हें पार्किंग व अन्य कार्य में लिया जा सकता है। कुछ असामाजिक तत्व आरओबी-फ्लाईओवर के नीचे कब्जा जमा लेते हैं। कुछ लोग इनके नीचे दुकान तक बना रहे हैं। - संदीप सोनी
शहर की सीवरेज, लावारिस पशु, पार्किंग, यातायात जाम, गंदे पानी की निकासी सहित अन्य समस्याओं के निदान के लिए काम करने की जरूरत है। नागरिकों को भी प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। कचरे को खुले में न फेंके। गोवंश को सड़क पर चारा न डाला जाए। - कविराज सोनी